
मूकनायक/ महेश रामटेके
(ब्यूरो चीफ मंडला जिला-मंडला , मध्यप्रदेश)
मंडला| प्रदेश सरकार युवा, किसान, महिला और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। कृषि हमारे जीवन का आधार है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि किसानों का सम्मान है। सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवान और खेतों में अन्न उपजाने वाले किसान दोनों की भूमिका समान है। किसानों और गौमाता एक-दूसरे के पूरक हैं। पशुपालन ही प्राकृतिक खेती का आधार है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 14 अगस्त को मंडला में भगवान बलराम की जयंती पर आयोजित हलधर महोत्सव में उपस्थित किसानों एवं जनसमुदाय को संबोधित करते हुए यह बातें कही। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की दूसरी किश्त के रूप में प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में सिंगल क्लिक से 1671 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। साथ ही 226.12 करोड़ रूपए की लागत के 24 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, श्री प्रफुल्ल मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आरडी कॉलेज मंडला मे मंडला जिले को 226.12 करोड़ रूपए की लागत राशि के कुल 24 विकास कार्यों की सौगात दी। इन विकास कार्यों में 202.25 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन एवं 23.87 करोड़ रूपए के 15 कार्यों का लोकार्पण किया




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रानी दुर्गावती महाविद्यालय परिसर में आयोजित हलधर महोत्सव में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खुली जिप्सी में आकर निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में स्काऊट एवं गाईड कैडेट ने पुष्पवर्षा करते हुए भारत माता की जय के नारे लगाए।
महाविद्यालय परिसर में कृषि यांत्रिकी, पारंपरिक कृषि औजारों, प्राकृतिक खेती, ड्रोन दीदी द्वारा ड्रोन फ्लाई का प्रस्तुतिकरण, वनधन केन्द्र, ट्राईबल आर्ट, प्रदर्शनी में पशुपालन, मत्स्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी विभाग के स्टॉल भी लगाए गए थे, जो आकर्षण का केन्द्र थे। यहां कृषि एवं कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में प्राकृतिक खेती पाठशाला के बारे में जानकारी दी जा रही थी। रेशम विभाग एवं स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी उन्हें भेंट किए गए। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, प्रफुल्ल मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू कर उनके खाते में राशि देना प्रारंभ किया है। इसके पहले किसी भी सरकार ने किसानों को इस तरह से सीधा लाभ नहीं पहुंचाया था। मध्यप्रदेश सरकार भी इसमें पीछे नहीं है और किसानो को वर्ष में 6 हजार रूपए की राशि तीन किश्तों में दे रही है। इन्हीं योजनाओं के फलस्वरूप मध्यप्रदेश देश में कृषि के क्षेत्र में तेजी से उन्नति कर रहा है। आज मंडला जिले के किसानों को 25 करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि मिली है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम हमारी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान बलराम किसानो के आदर्श देवता हैं। आज भगवान बलराम की जयंती के अवसर पर मंडला में आयोजित हलधर महोत्सव कार्यक्रम में आने का मुझे अवसर मिला है। भगवान श्रीकृष्ण और बलराम से पशुपालन का इतिहास जुड़ा हुआ है। पशुपालन के बगैर प्राकृतिक खेती संभव नहीं है। प्राकृतिक खेती का आधार गौमाता हैं, इसलिए हमारी सरकार पशुपालन को प्रोत्साहन दे रही है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए गौपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना लागू की गई है। इस योजना में 25 गाय पालने पर 42 लाख रूपए का ऋण दिया जाता है जिसमें 10 लाख रूपए अनुदान का है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का देश में 9 प्रतिशत योगदान है और इसमें वह देश में तीसरे स्थान पर है। हमारी सरकार का लक्ष्य देश के दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। प्रदेश सरकार दूध भी सहकारी संघ के माध्यम से क्रय कर रही है। इसमें भी दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को बोनस दिलाया जायेगा। प्रदेश सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक वृंदावन गांव बनाने जा रही है। इसमें पशुपालन के साथ जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि के विकास में निरंतर ध्यान दे रही है। पहले प्रदेश के केवल 2 विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की शिक्षा दी जाती थी। अब प्रदेश के 16 सरकारी एवं 52 निजी विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की शिक्षा दी जा रही है। इससे किसान परिवारों के युवाओं को कृषि शिक्षा की सुविधा सुलभ हो गई है। 1956 से 2003 तक प्रदेश में केवल 7.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन हमारी सरकार ने पिछले 20 साल में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 44 लाख हेक्टेयर कर दिया है। उन्होंने कहा कि साढ़े 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा तो सवा साल में पूरा गया। अब प्रदेश में लगभग 52 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई होती है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ा है। प्रदेश सरकार की चहुंमुखी विकास की नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज विकास करने वाला राज्य बन गया है। किसान हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश को 7 बार कृषि कर्मण पुरूस्कार मिल चुका है। मध्यप्रदेश दाल के उत्पादन में देश में प्रथम और खाद्यान्न उत्पादन में देश में तृतीय स्थान पर है। मंडला जिले में कोदो-कुटकी का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। प्रदेश सरकार इस साल से कोदो-कुटकी की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ करेगी और इस कृषि उत्पाद को देश के साथ ही विदेशों में भी पहुंचायेगी। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपए का बोनस दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं सहित समाज के हर तबके के विकास पर ध्यान दे रही है। प्रदेश में एक लाख पदों पर भर्ती की जा रही है। आने वाले समय में ढाई लाख और पदों पर भर्ती की जाएगी। उद्योग धंधों को बढ़ावा दिया जायेगा। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, स्कूल, पेयजल सभी तरह के विकास कार्य कराये जा रहे हैं। इससे मध्यप्रदेश विकसित राज्य बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश की आजादी और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथशाह, रानी दुर्गावती के योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस इन सभी वीरों के शौर्य को याद करने का दिन है। सभी लोग स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल हों। हमारी सेना ने तीन बार पाकिस्तान के भीतर घुसकर आतंकियों का सफाया किया है। इसके लिए हम सभी अपनी सेना का अभिनंदन करें और स्वतंत्रता के उत्सव में वीर सैनानियों को नमन करें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बलराम का पूजन किया। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें हल भेंट किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, एसएसजी की लखपति बहनें और लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्नेहपूर्वक राखी बांधी। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक खेती पर तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में रही इनकी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में विधायक निवास चैनसिंह वरकड़े, नगरपालिका मंडला अध्यक्ष विनोद कछवाहा, जिला पंचायत सदस्य शैलेष मिश्रा, जनपद पंचायत अध्यक्ष नैनपुर ओमवती उइके, पूर्व विधायक देवसिंह सैयाम, रामप्यारे कुलस्ते, शपंडित सिंह धुर्वे, डॉ. शिवराज शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर जबलपुर धनंजय सिंह, आईजी संजय कुमार सिंह, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक मौजूद थे।

