मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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एक बार में अभिवादन करने से हमें जो आदर और सम्मान मिलता है, तो सोचिए, प्रतिदिन मिलने वाले हर इंसान का यदि आदर और सम्मान किया जाए, तो प्रेम, आदर व सम्मान हमारे अधिकार में स्वत: आ जाएगा । जब भी हम किसी के प्रति शिष्टता से पेश आते हैं, अभिवादन करते हैं तो अभिवादन के बदले हमेशा अभिनंदन ही लौटकर आता है। मन लगाकर किया हुआ काम कामयाबी का द्वार बन जाता है और बेमन से किया गया काम ही विफलता की बेड़ी बन जाता है।
जिंदगी में अगर सफलता चाहिए तो मजबूती से अपने काम में लगें, मजबूरी में नहीं। मजबूत मन ही हमें हर मजबूरी से बाहर निकालता है। कहते हैं कि हर इंसान की जिन्दगी में उसके पास आगे बढ़ने के लिए चाबियों का गुच्छा है। किसी की पहली तो किसी की पांचवीं तो किसी की दसवीं चाबी लग जाती है। इसलिए अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत करते रहिए, आशा और उम्मीदों से भरे रहिए। एक दिन भाग्य का दरवाजा अवश्य खुलेगा ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

