Thursday, February 26, 2026
HomeUncategorizedसेब उत्पादकों ने सरकार व कोर्ट के खिलाफ फूंका बिगुल | 29...

सेब उत्पादकों ने सरकार व कोर्ट के खिलाफ फूंका बिगुल | 29 जुलाई को बाग़वान करेंगे सचिवालय का घेराव |

सुषमा पूंटा रोहडू हिमांचल प्रदेश | हाटकोटी में सेब उत्पादक संघ की आपात बैठक हुई बैठक में अभी हाल ही में सरकार और न्यायालय के आदेशों के तहत हुई कार्रवाही का विरोध जताया और साथ हीं प्रशासन व सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है | हिमाचल सेब उत्पादक संघ की आकस्मिक हुई बैठक में रोहड़ू,जुब्बल,कोटखाई,नावर,चुहारा और चौपाल क्षेत्रों के सैकड़ों बागवानों ने भाग लिया। बैठक का प्रमुख विषय उच्च न्यायालय के आदेशों की आड़ में प्रशासन द्वारा सेब के पेड़ों की कटाई और किसानों-बागवानों की ज़मीनों व घरों से बेदखली का विरोध था। बैठक में अखिल भारतीय सेब उत्पादक संघ (AFFI) के संस्थापक सदस्य राकेश सिंघा, प्रदेश अध्यक्ष सोहन ठाकुर, सचिव पूरन ठाकुर, राज्य कमेटी सदस्य संजय चौहान सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में प्रशासनिक कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की और इसे गरीब किसान-बागवानों के जीवन पर सीधा हमला बताया। राकेश सिंघा ने कहा कि “सेब की बागवानी हिमाचल की रीढ़ है। यह न केवल लाखों लोगों को रोज़गार देता है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। यदि इसी तरह से पेड़ों की कटाई और बेदखली होती रही तो बागवान कहां जाएंगे?” उन्होंने इसे जनजीवन पर संकट बताते हुए सरकार और न्यायपालिका दोनों से न्याय की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने संगठन की मजबूती और एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समूचा पीड़ित वर्ग एकजुट होकर मैदान में उतरे तो सरकार को झुकने पर मजबूर किया जा सकता है।राज्य कमेटी सदस्य संजय चौहान ने आगामी रणनीति की घोषणा करते हुए बताया कि 29 जुलाई 2025 को हिमाचल प्रदेश सचिवालय का घेराव किया जाएगा, जिसमें हजारों किसान-बागवान भाग लेंगे। उन्होंने गांव-गांव बैठकें कर आंदोलन को जनांदोलन में बदलने की रणनीति भी साझा की। सभा में किसान प्रतिनिधियों—श्रीमती अंजू चौहान, श्री जय सिंह जैहटा, श्री जितेन्द्र रतनैइक सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी बेदखली और पेड़ों की कटाई के खिलाफ तीव्र रोष व्यक्त किया। संघ का आह्वान – “आओ, जमीन और अस्मिता बचाएं” सेब उत्पादक संघ ने प्रदेश के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, कृषि व बागवानी से जुड़े संगठनों से अपील की है कि वे इस जनसंघर्ष में भागीदारी निभाएं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक फसली मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी, जमीन और अस्मिता का सवाल है।सेब उत्पादक संघ ने सभी किसान-बागवानों से 29 जुलाई को शिमला स्थित सचिवालय पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया है ताकि अपनी ज़मीन और हक़ को बचाया जा सके | 

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments