मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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सावन माह के आते ही प्रकृति में ताजगी आ जाती है, क्योंकि बारिश से धूल और प्रदूषण नीचे बैठ जाता है । पेड़-पौधे हरे भरे हो जाते हैं और आॉक्सीजन की गुणवत्ता और बेहतर हो जाती है, जो हमारे फेंफड़ों ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है क्योंकि इस महीने में हरा-भरा वातावरण मन को बहुत सुकून देता है और तनाव दूर करता है । सावन माह में हरी भरी प्रकृति की ताजगी मन को खुश रखने में अहम भूमिका निभाती है ।
सावन माह के वातावरण में नमी होने के कारण पाचन क्रिया बहुत धीमी हो जाती है । इसलिए डॉक्टर और बड़े बुजुर्ग सावन माह में हल्का और आसानी से पचने वाले भोजन करने की सलाह देते हैं । इस दौरान व्रत रखने और फलाहार करने से पेट अंदर से साफ हो जाता है । वहीं सावन का महीना जल संरक्षण के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान नदियों, तालाबों और कुओं में पानी भर जाता है । यह प्राकृतिक रूप से जल संरक्षण का एक बड़ा अवसर होता है, जो भीषण गर्मी के बाद धरती शांत करता है ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

