रानीवाड़ा – (टीकम पाल रानीवाड़ा)नया शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। ज्यादा बच्चे स्कूलों में प्रवेश ले इसके लिए प्राइवेट स्कूलों में होड़ सी लगी है। आकर्षण के लिए रंग-बिरंगे पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं। व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है। खुद का तामझाम जमाने के लिए संचालक प्रचार-प्रसार पर तो खूब खर्च कर रहा है लेकिन जहां स्कूल संचालित हो रहे हैं वहां व्यवस्थाएं दम तोड़ रही है। कई स्कूल रहवासी मकानों में ही संचालित हो रहे हैं। यहां खेल मैदान है न सुरक्षा के कोई इंतजाम। भवन भी जर्जर। पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं। जवाबदार मौन है। अब तक जांच-पड़ताल के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। रानीवाड़ा के काफी ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने रहवासी मकान में ही स्कूल संचालित की जा रही है। गली में लग रहे इस स्कूल के पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। खेल मैदान भी नहीं है। रहवासियों ने बताया बारिश के दिनों में यहां बच्चे कीचड़ को लांघते स्कूल पहुंचते हैं। स्कूल का एक तय दायरा होना चाहिए लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है। ऐसे ही हालात शहर मोहल्लों में चल रहे स्कूल के भी है। यह स्कूल भी रहवासी क्षेत्र में है। यहां भी पार्किंग व खेल मैदान की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा शहर के कई क्षेत्रों में इसी तरह स्कूल भवनों में संचालित हो रहे हैं।
यह है निर्धारित मापदंड
स्कूल में पर्याप्त अध्ययन के लिए कक्ष होना जरूरी है। साथ ही छात्र संख्या के हिसाब से कक्ष होना चाहिए। सभी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों का होना अनिवार्य है। सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय आदि होना चाहिए। बच्चों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, खेल मैदान, खेल सामग्री, पर्याप्त शैक्षणिक सामग्री, लाइब्रेरी, उच्च कक्षाओं के लिए प्रयोगशालाएं अनिवार्य रूप से होना जरूरी है। स्कूल में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना चाहिए।
जिम्मेदारों ने किया किनारा
स्कूल कहां और किस हालात में है इसकी पड़ताल विभाग को सत्र शुरू होने से पहले की करनी चाहिए लेकिन अब तक जवाबदारों ने कुछ किया नहीं है। हालांकि जिला जिला अधिकारी कह रहे हैं कि मान्यताओं के जो नियम हैं उनके अनुसार स्कूल संचालित नहीं हो रहे हैं तो कार्रवाई होगी।
पड़ताल करेंगे
-जो स्कूल नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे हैं उनकी पड़ताल करेंगे। प्रायवेट स्कूल संचालकों की बैठक लेकर उनसे जवाब मांगेंगे। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। कार्रवाई होगी। – (जिला शिक्षा अधिकारी जालौर)

