सुषमा पूंटा रोहडू | अखिल भारतीय कोली समाज ने हाल ही में बिहार की पान जाति की उप जाति तांति व तंतवा को अनुसूचित जाति में शामिल करने बारे अपना मांग पत्र समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा है | उपरोक्त आशय की पुष्टि करते हुए अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने कहा की एक लम्बे समय से लोग यह मांग कर रहे है लेकिन राजनीति नफ नुकसान के चलते लोगों इससे महरूम रखा गया है | लोगों के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ बिहार में कोली समाज और बिहार जद(यू ) तथा भाजपा का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर अपनी बात रखेगा ताकि जल्द हीं बिहार की तांति तंतवा उपाधि प्राप्त उपजाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके | वहीं इस पर बात करते हुए अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद वीरेन्द कश्यप ने कहा की बिहार की अधिसूचना में अनुसूचित जाति पान के उपाधि प्राप्त तांति तंतवा को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने बारे संज्ञान लिया है | राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप का कहना है की यह मामला काफी समय से भारत सरकार के पास लटका हुआ है | बेबजह हीं इस मामले को लटकाया जा रहा है उन्होंने कहा की वर्ष 1950 से ही केंद्र व बिहार सरकार की अनुसूचित जाति की सूची क्रमांक 18 पर पान जाति का पर्यायवाची व उपाधि नाम तांती तंतवा है | इस मामले को काफी शोध के बाढ़ कई संस्थानों और संग़ठनों, जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्तर समय समय पर उठाया है | लेकिन सरकारी अडचनों और राजनैतिक मंशा के तहत हीं इस मामले को लटकाया गया है | राष्ट्रीय अध्यक्ष कोली समाज वीरेंद्र कश्यप ने कहा की 1967 से कांग्रेस द्वारा इस मामले लटकाया गया जिसके कारण बिहार की पान जाति की उपाधि प्राप्त तांती तंतवा जाति के लोगों को सामाजिक,आर्थिक, राजनैतिक, सत्ता व सम्मान से वंचित, रहना पड़ा है | प्रो वीरेंद्र कश्यप ने कहा की वह इस बिहार की अनुसूचित जाति पान की उपाधि तांति तंतवा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए हर संभव प्रयत्न करेंगे |

