मूकनायक/जयपुर/जालोर, 25 जुलाई।
राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों के लिए ‘बाबा साहब अम्बेडकर पंचतीर्थ यात्रा’ योजना की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार स्वयं रेल यात्रा, आवास और तीनों समय के भोजन सहित सम्पूर्ण खर्च वहन करेगी।
इस योजना का उद्देश्य भारत रत्न, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उनके जीवन संघर्ष से जनसामान्य को प्रेरित करना है।
सीधे जुड़ाव का अवसर — बाबा साहब के जीवन स्थलों से
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि “बाबा साहब का जीवन भारतीय समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों की नींव है। इस यात्रा से समाज के लोग उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकेंगे। यह योजना सामाजिक चेतना को एक नई दिशा देगी।”
पंचतीर्थ स्थलों का भ्रमण
राज्य के चयनित अनुसूचित जाति वर्ग के मूल निवासी यात्री भारत में स्थित डॉ. अम्बेडकर से जुड़े निम्न ‘पंचतीर्थ’ स्थलों की यात्रा करेंगे:
- महू (मध्यप्रदेश) – जन्मभूमि
- नागपुर (महाराष्ट्र) – दीक्षा भूमि
- नई दिल्ली – महापरिनिर्वाण स्थल
- मुंबई – चैत्य भूमि
- मुंबई – इंदू मिल (वर्तमान अम्बेडकर स्मारक स्थल)
यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट, ठहरने की व्यवस्था तथा दिन में तीनों समय का भोजन राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ उठाने हेतु कुछ अनिवार्य पात्रता मापदंड निर्धारित किए गए हैं:
आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हो।
आयकर दाता न हो।
जनआधार कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
संक्रामक रोगों (जैसे टीबी, कोविड आदि) से ग्रसित न हो — इसके लिए चिकित्सीय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
सामाजिक समरसता की ओर एक मजबूत कदम
यह योजना न केवल सामाजिक समरसता को बल देगी, बल्कि युवाओं व वरिष्ठ नागरिकों को डॉ. अम्बेडकर के विचारों से गहराई से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। यह पहल सामाजिक उत्थान की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो सकती है।

