मूकनायक कांगड़ा सीता राम भाटिया ।
बरेली में सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज की 9वी की छात्रा ने आत्म हत्या कर ली , बेटी के पिता अशोक गंगावार ऑटो ड्राइवर थे वह आर्थिक स्थिति से झूझ रहे थे इसी बिच में वह बेटी की स्कूल फिस जमा नहीं करवा सके तो उन्होंने प्रिंसिपल महोदय से बहुत अनुरोध किया लेकिन प्रिंसिपल महोदय ने एक नहीं मानी और बेटी को इग्जाम में बैठने नहीं दिया , जिससे बेटी ने आहत हो कर आत्म हत्या कर ली , बेटी खोने से पुरा परिवार सदमें में आ गया ।
ऐसी घटना जब शोशल मीडिया पर छा जाने से जनता में भारी रोष है । बड़े अफ़सोस की बात है जहां देश के अंदर बड़े बड़े उद्योग पतियों के लाखों करोड़ के लोन माफ़ हो जाते हैं, अरवों रुपये खाकर लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं उन पर कोई कारावाई नहीं होती है , भगोड़े विदेशों में शाही जिंदगी जिते हैं और देश के अंदर एक बेटी की स्कूल फिस जमा ना होने पर उसे इग्जाम में बैठने नहीं दिया जाता है । क्या इस व्यबस्था पर जनता विश्वास कर सकती है । या यूं कहें कि भारत में गरीब होना बहुत बड़ा गुनाह है । केंद्र सरकार को पूरे भारत में हर वर्ग हर जाति हर धर्म समुदाय के बच्चों को प्रथम श्रेणी से लेकर उच्च श्रेणी की शिक्षा मुफ्त कर देनी चाहिए , शिक्षा व्यबस्था को बहुत अच्छा बनाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए , ताकि कोई भी माता पिता अपने बच्चों को प्राईबेट भेजने की बजाए सरकारी स्कूलों कॉलेजों में भेजने में गर्व महसूस करे । ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वँचित ना रहे और शिक्षा व्यबस्था अच्छी और मुफ्त होगी तो कोई भी बच्चा आर्थिक स्थिति के चलते पढ़ाई ना कर पाने की वजह से आत्म हत्या ना करे ।।

