
बिलासपुर। 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर फूले निःशुल्क पाठशाला में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आमतौर पर हर बुधवार को पाठशाला में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ और खेल आयोजित किए जाते हैं, लेकिन ध्वज दिवस का महत्व विशेष और ऐतिहासिक होने के कारण, इस सप्ताह की गतिविधि को मंगलवार को ही सम्पन्न किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों को एक विशेष गतिविधि के साथ कराई गई, जिसमें सभी को एक प्लेन पेपर प्रदान किया गया और उन्हें भारत का राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा स्वयं बनाना था। बच्चों ने पूरे उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ इस गतिविधि में भाग लिया। उल्लेखनीय बात यह रही कि कुछ छात्र रंग लेकर नहीं आए थे, लेकिन जिनके पास रंग थे, उन्होंने आपस में साझा कर सभी को इस रचनात्मक प्रक्रिया में शामिल किया। यह सहयोग और एकता का सुंदर उदाहरण था।
हर छात्र ने अपने-अपने तरीके से तिरंगे को सजाया और उनके द्वारा बनाए गए ध्वजों में देश के प्रति समर्पण और गर्व की झलक साफ दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में पाठशाला के शिक्षकों द्वारा छात्रों को भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास, उसकी विशेषताएं, रंगों का प्रतीकात्मक महत्व और एक नागरिक के रूप में हमारे कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी गई।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक रचनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों के भीतर राष्ट्रीय चेतना, समर्पण की भावना और सहयोग का संस्कार भी विकसित करना था।
फूले निःशुल्क पाठशाला न केवल शैक्षणिक ज्ञान देने का कार्य कर रही है, बल्कि बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत है।

