मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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प्रेम एक जुड़ाव है, कोई बंधन नहीं” यह एक प्रसिद्ध कथन है, जो प्रेम की वास्तविक प्रकृति को दर्शाता है। इसका मतलब है कि प्रेम एक बंधन या नियंत्रण की भावना नहीं है, बल्कि यह दो लोगों के बीच एक सहज जुड़ाव है जो एक-दूसरे के प्रति सम्मान, समझ और समर्थन पर आधारित होता है । प्रेम के रिश्ते को बनाए रखने के लिए, दोनों पक्षों को प्रयास करने और एक-दूसरे के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता होती है ।
हालांकि आज के परिवर्तनशील माहौल में अधिकांश रिश्ते स्वार्थ पर आधारित हो गये हैं। जब हम अपने दिल की बात सामने वाले से छुपाते हैं, तो वहीं दूरी बढ़ने लगती है । इससे मन में नाखुशी होती है और रिश्ते कमजोर हो जाते हैं । इसके साथ ही जब किसी रिश्ते में भरोसा कम हो जाता है, तो साथी के प्रति शक और संदेह बढ़ जाता है, जो रिश्ता तोड़ने की सबसे बड़ी वजह बन जाती है, जबकि प्रेम एक खूबसूरत एहसास है, जो दो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है। यह एक बंधन नहीं है, बल्कि एक जुड़ाव है जो स्वतंत्रता, सम्मान और समझ पर आधारित होता है और प्रेम में एक दूसरे की खामियां स्वीकार और नजरंदाज करना प्रेम को सुन्दर व प्रगाढ़ बनाता है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

