
मूकनायक/ मुकेश वारके
जबलपुर संभाग प्रभारी






कटंगी (बालाघाट)।प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार कटंगी में आषाढी पूर्णिमा (वर्षावास) के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिसमें संयुक्त रूप से बौद्ध अनुयायियों के द्वारा वंदना किया गया। बौद्ध धर्म में वर्षावास का बहुत महत्व है। यह एक तीन महीने की अवधि है जब बौद्ध भिक्षु एक ही स्थान पर रहते हैं, आमतौर पर एक विहार में ध्यान, अध्ययन और धार्मिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं वर्षावास बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है, जो उन्हें आध्यात्मिक विकास की भावना को बढ़ावा देने में मदद करता है।वर्षावास के दौरान, भिक्षु आम लोगों को धर्म की शिक्षा भी देते हैं, जिससे वे अपने जीवन में धार्मिक सिद्धांतों को अपना सकें। वर्षावास भिक्षुओं को ध्यान, अध्ययन और धार्मिक चर्चाओं में संलग्न होने का अवसर प्रदान करता है, जिससे उनका आध्यात्मिक विकास होता है। प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार कटंगी में आषाढी पूर्णिमा (वर्षावास) कार्यक्रम में बौद्ध अनुयायी शामिल रहे।जिसमें डी. डी. गजभिए,निरुपमा राकेश वारके,किशोर मासूरकर,संजय शेंडे,मंजू उके,चेतन मासूरकर,पुष्पा गणवीर,संगीता चौरे,महेंद्र हिरकने,एडवोकेट संजय खोबरागड़े आदि बौद्ध अनुयायी शामिल रहे।

