Thursday, February 26, 2026
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मूकनायक की खबर का असर: नारायणनाथ कालबेलिया के संघर्ष को मिली सफलता

नारायणनाथ कालबेलिया के संघर्ष के आगे झुका प्रशासन, किशनगढ़ अजमेर में मिली स्थायी बसाहट की मंजूरी

प्रकाशन तिथि: 23 जुलाई 2025

किशनगढ़ (अजमेर), राजस्थान — कालबेलिया समाज को उनका हक़ दिलाने की लड़ाई आखिरकार रंग लाई। नारायणनाथ कालबेलिया की अगुवाई में किशनगढ़ स्थित 30 से अधिक परिवारों के लिए वर्षों से चल रहे संघर्ष का अंत अब जीत के साथ हुआ है।

नारायणनाथ कालबेलिया और प्रशासन के साथ बैठक

लगभग 50 वर्षों से अधिक समय से कालबेलिया समाज के ये परिवार किशनगढ़ में रह रहे थे, लेकिन उन्हें सरकारी मान्यता नहीं मिली थी। लगातार उजाड़ने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन नारायणनाथ जी की सूझबूझ और संघर्ष ने स्थिति को बदल दिया।

मूकनायक की खबर का असर

17 जुलाई 2025 को मूकनायक द्वारा प्रकाशित विस्तृत रिपोर्ट में कालबेलिया समाज की स्थिति को उजागर किया गया। इसके बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा।

कालबेलिया समाज का संघर्ष

23 जुलाई 2025 को प्रशासन ने स्थायी बसाहट और मूलभूत सुविधाओं के लिए आदेश जारी कर दिए। पानी, बिजली, सड़क और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब इन परिवारों को जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रशासन ने मानी मांगें

  • स्थायी पट्टे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
  • जल्द ही पानी और बिजली की सुविधा की शुरुआत
  • रहवास क्षेत्र को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया

नारायणनाथ जी ने मूकनायक से बातचीत में कहा, “हमारी आवाज़ को आपने बुलंदी दी, और प्रशासन तक पहुंचाया — यही सच्ची पत्रकारिता है। ये जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे समाज की है।

समाज के लिए एक नई शुरुआत

यह फैसला न केवल किशनगढ़ बल्कि राजस्थान के अन्य वंचित समुदायों के लिए भी एक उम्मीद की किरण है। सामाजिक न्याय की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि जब मीडिया सच्चाई के साथ खड़ा हो, तो व्यवस्था को भी सुनना पड़ता है।


रिपोर्ट: श्रवण कुमार, ब्यूरो प्रमुख, मूकनायक — बालोतरा

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