Thursday, February 26, 2026
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धौलपुर में संविधान की क्रांति: चंद्रज्योति अभियान और ‘डिजिटल संविधान घर’ ने बदली तस्वीर

मूकनायक
श्रवण कुमार
जिला ब्यूरो चीफ बालोतरा
धौलपुर, राजस्थान

बच्चों के साथ संविधान जागरूकता कार्यक्रम
राजस्थान के धौलपुर ज़िले में शिक्षा और सामाजिक चेतना का एक नया सूरज उग रहा है। IAS निवृत्ति सोमनाथ आव्हाद की अगुवाई में शुरू हुआ चंद्रज्योति अभियान अब हर गांव में संविधान को जीने की प्रेरणा बन चुका है।
गांव-गांव में संविधान की पाठशाला
28 ग्राम पंचायतों में पुराने सार्वजनिक भवनों को ‘डिजिटल संविधान घर’ के रूप में बदला गया है, जहां बच्चे स्मार्ट टीवी, टैबलेट, QR-कोडेड किताबें और कंप्यूटर की मदद से संविधान को गहराई से समझ पा रहे हैं।
डिजिटल कक्षा में बच्चे संविधान पढ़ते हुए
CSR के अंतर्गत SBI कार्ड और ईको नीड्स फाउंडेशन की साझेदारी से इन केंद्रों का निर्माण और संचालन संभव हुआ। बच्चों के सपनों को हकीकत में बदलने का कार्य ज़मीन पर किया जा रहा है।
संविधान अब पाठ्यक्रम नहीं, जीवन शैली
कक्षा 1 के बच्चे आत्मविश्वास से संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हैं, तो कक्षा 12 के छात्र इसके गूढ़ अर्थों पर चर्चा करते हैं। अब यह केवल परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार का हिस्सा बन चुका है।
50,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच
350 स्कूलों में फैले इस अभियान ने 50,000 से अधिक छात्रों को सीधे प्रभावित किया है। बाल संसद, वाद-विवाद, पोस्टर प्रतियोगिता और शिक्षक प्रशिक्षण के ज़रिए बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों की गहरी समझ विकसित की जा रही है।
जमीनी टीम की अहम भूमिका
IAS निवृत्ति सोमनाथ आव्हाद के साथ सूरज सैनी, अंकिता भूपारिया, और मिन्हाज उल हक़ जैसे युवा साथी इस बदलाव को धरातल तक ले जा रहे हैं। यह बदलाव केवल सरकार की नहीं, समाज की भी साझेदारी से संभव हो पाया है।
धौलपुर: संविधान सीखने वाला ज़िला
आज धौलपुर एक ऐसा ज़िला बन गया है जहां संविधान हर घर की दीवार पर है, हर छात्र की जुबान पर है और हर शिक्षक की प्रेरणा में है। यहां ‘किताब का पहला पन्ना’ केवल एक पाठ नहीं, एक विचारधारा बन चुका है।

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