
बोधगया का महाबोधी महाविहार ….बौद्धों को सौंपे सरकार
मूकनायक/कमलेश लवहात्रै
बिलासपुर छत्तीसगढ़
दुर्ग जिले में ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी ने दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार चंद्राकर ,चैन सिंह धृतलहरे,रमेश कुर्रे, भरत जोशी,सचिन गवई, बंटी चौरे,देवानंद कुंभकार,राधेश्याम,सालिकराम,कोसरे आदि बसपा साथियों ने अपने विचार रखें। समता सैनिक दल के आनंद रामटेके जी और विनोद वासनिक जी ने महाबोधी महाविहार को समर्थन देते हुए भारतीय इतिहास और भारतीय समाजव्यवस्था पर अपने विचार रखें ।
134 वर्षों से बोधगया महाबोधी महाविहार मुक्ति का आंदोलन चल रहा है और आगे भी तब तक जारी रहेगा जब बुद्धिष्ट समुदाय की मांगे पूरी नहीं की जाती।भारत से लेकर अफगानिस्तान तक चक्रवर्ती सम्राट अशोक द्वारा निर्माणित 84 हजार बौद्ध स्तूपों,बुद्ध विहारों और चैत्यों में से बोधगया का महाबोधी महाविहार भी एक विहार है। महाविहार इसलिए क्योंकि यहां राजकुमार सिद्धार्थ गौतम को सम्यक संबोधी (ज्ञान),मानव दुःख मुक्ति का मार्ग मिला अर्थात सम्यक ज्ञान का बोध हुआ । इसलिए यह महान ज्ञान स्थली कहलाई । इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम बोधगया पड़ा । ऐतिहासिक और प्रमाणित सत्य होने के बावजूद महाबोधी महाविहार को शिवालय में तब्दील करने की साजिश हो रही है । बिहार में नीतीश सरकार के कार्यकाल में यह बहुत ही निंदनीय कार्य है। भारत का इतिहास गवाह है पूज्य अनागारिक धम्मपाल से यह संघर्ष प्रारम्भ हुआ। सन 1992 से पूज्य भंते नागार्जुन सुरई ससाई जी ने इस आंदोलन को गतिमान किया और अभी वर्तमान में 2024 से आयुष्मान आकाश लामा जी के नेतृत्व ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम के तहत यह आंदोलन संपूर्ण भारत में राज्य स्तरीय और जिले स्तरीय धरना प्रदर्शन के माध्यम से किया जा रहा है।
दुर्ग/भिलाई के समस्त बौद्ध संगठन बिहार के बोधगया महाबोधी महाविहार से बीटी 1949 एक्ट निरस्त करने और महाबोधी महाविहार को ब्राह्मणवाद से मुक्त करने के लिए ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सविता बौद्ध संकल्पी उर्फ सामनेरी खेमा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में एवं समता सुरक्षा सेना के संरक्षण और अन्य बौद्ध संगठन की गरिमामई उपस्थिति में बहुजन समाज पार्टी ने दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।भिक्षुणी शासन मेत्ता, भिक्षुणी पवज्ज्या नागपुर,सामनेरी विशाखा ,सामनेरी संघप्रिया भिक्षुणी संघ और सामाजिक कार्यकर्ताओं लगभग चार सौ – पांच सौ लोगों की उपस्थिति में रैली निकालकर शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला गया । ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ और दुर्ग/भिलाई आंदोलन के नेतृत्वकर्ता, तन-मन-धन से जमीनी स्तर पर कार्य करने और श्रमदान करने वाले डॉ .अरविंद चौधरी,अनिल जोग,रामाराव ढोक,सुदेश कुमार,आशीष चौहान,महेंद्र बौद्ध,अल्का बौद्ध,जयश्री बौद्ध,करुणा भालाधरे,अर्चना वासनिक,रसिया सहारे,नीलिमा कांहेकर,काशी मेश्राम,महेंद्र चौहान,माधुरी रंगारी ,दिलीप रामटेके आदि सुबह से शाम तक धरने स्थल पर अपनी सेवाएं दे रहें है।आपका समर्पण और कड़ी मेहनत अवश्य ही रंग लाएगी और बीटी एक्ट 1949 रद्द होकर रहेगा ।आंदोलन के पहले दिन से अपनी ओजस्वी वाणी से आयुष्मान डॉ.अरविंद चौधरी सुदेश कुमार और अनिल जोग पहले दिन से बोधगया महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन की वर्तमान वस्तुस्थिति पर अपने जोशीले वक्तव्य से लोगों को जागृत कर रहे है। हमारी केवल दो ही मांगे पहली बीटी एक्ट 1949 रद्द हो और महाबोधि महाविहार गैर बौद्धों से मुक्त होना चाहिए । अन्यथा यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार सरकार बीटी एक्ट 1949 खत्म नहीं कर देती और महाबोधी महाविहार प्रबंधन बौद्धों को सौंप नहीं देती। प्रियदर्शी सम्राट अशोक के अनेक बौद्ध स्थलों को मनुवादियों ने अतिक्रमण और हड़प करके रखा है।
इस अवसर पर हर्षिला रंगारी, रीना वासनिक,महानंदा लवातरे,ममता वासनिक,पंचशीला वाहने, प्रभावती कमड़े,विनोद टेंभरे, बीडी शेल्लारे,रविन्द्र गाडगे,लता गाडगे,साक्षी बौद्ध,श्रेया,रिया ,,मंजू डोंगरे,प्रमिला रंगारी,योगेश सहारे,,लतिका खांडेकर ,खुशबू बौद्ध,अष्टशिला वासनिक, बेनू गजभिए,राजू गेडाम भूषण नाडिया,ज्योति गेडाम , लाला रंगारी,यशोधरा रामटेके,आयुष रामटेके,कविता रंगारे,घनश्याम लांजेवार ,आनंद रामटेके, कृष्णा बसोडकर,आदित्य ऊके, सुखवंता घरडे,कविता रंगारे ,सार्थक,गौरीशंकर घरड़े, प्रीति घरड़े,विनोद मेश्राम,एच व्ही बौद्ध,पूर्णिमा ऊके,सत्यम गजभिए, राजकुमार साहू,ऊषा वैद्य,सुषमा वैद्य,संतोष नंदा,प्रीति बेले,सुरेन्द्र बोधी,अशोक कुमार,तेजराम मेश्राम,दिलीप रामटेके भूमिका,नेहा,द्वारिका रामटेके,ज्योति भीमटे,पूर्णिमा मेश्राम,सुनीता भीमटे, गौतमा गेडाम,पूर्णिमा टेंभेकर,प्रमिला वाहने,गीता शेंडे , डॉ सरोज,भूपत बोरकर, आरव ,पूनम अजय शेंडे,आयशा,ने गरिमामई उपस्थिति दर्ज कराई। इंदु ढोक ने धरना प्रदर्शन में जलपान की सेवाएं दी। प्रतीक्षा सहारे,सृष्टि,सहारे
रिया,श्रेया,श्रेयस ,अक्षिता, आयशा और प्रज्ञा बच्चों ने नारों के माध्यम से बिहार सरकार से मांग की है ।

