
मूकनायक/ गौतम बालबोंदरे
छत्तीसगढ़
सिरगिट्टी।करुणा बुद्ध विहार कीर्ति नगर सिरगिट्टी में आषाढी पूर्णिमा (वर्षावास) के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।बौद्ध अनुयायियों के द्वारा बुद्ध वंदना किया गया। बौद्ध धर्म में वर्षावास का बहुत महत्व है। यह एक तीन महीने की अवधि है जब बौद्ध भिक्षु एक ही स्थान पर रहते हैं, आमतौर पर एक विहार में ध्यान, अध्ययन और धार्मिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं वर्षावास बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है, जो उन्हें आध्यात्मिक विकास की भावना को बढ़ावा देने में मदद करता है।वर्षावास के दौरान, भिक्षु आम लोगों को धर्म की शिक्षा भी देते हैं, जिससे वे अपने जीवन में धार्मिक सिद्धांतों को अपना सकें। वर्षावास भिक्षुओं को ध्यान, अध्ययन और धार्मिक चर्चाओं में संलग्न होने का अवसर प्रदान करता है, जिससे उनका आध्यात्मिक विकास होता है। करुणा बुद्ध विहार कीर्ति नगर में आषाढी पूर्णिमा (वर्षावास) कार्यक्रम में बौद्ध अनुयायी शामिल रहे।जिसमें ऊषा वाहने ,सपना गजभीए ,रीता वैद्य ,सोनल वैद्य,लीला रामटेके,विमल रंगारी ,सोनी बनसोड,अर्चना, कल्पना,पूनम रामटेके ,आलिशका रामटेके ,चंदा नंदगौरी ,प्राची गलपांडे,सरला रामटेके ,प्रीति रामटेके ,गोपाल पाटले,राजेश नायक ,मनीष पाटिल आदि लोग उपस्थित रहे हैं।

