
मूकनायक/ गौतम बालबोंदरे
छत्तीसगढ़
आदिवासियों के संवैधानिक हक़, हिस्सा और हित की रक्षा में राजस्व अमला के लापरवाही और असंवेदनशीलता का नमूना बोदरी तहसील के एक प्रकरण में देखने को मिला. कथित रुप से मनीराम नेताम पिता गोपाल नेताम ग्राम फदहा के अपने कुल 4.41 एकड़ भूमि को गैरआदिवासी क्रेता लव कुमार श्रीवास पिता रामा श्रीवास को बेचने की अनुमति लिए आवेदन किया हुआ है. दोनों क्रेता विक्रेता जमीन व्यवसायी हैं. प्रकरण नायब तहसीलदार बोदरी के के कोर्ट में है. इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र श्याम ने नियत तिथि 26 जून को विधिवत आपत्ति दर्ज किया है.
प्रकरण में पहली पेशी सात जुलाई 2025 को हुई. जिसमे आवेदक मनीराम अनुपस्थित थे. दूसरी पेशी 11 जुलाई 2025 को थी. जिसमे आपत्ति ख़ारिज करने का दिलचस्प कारण बताया गया है कि आवेदक आवश्यकता एवं बिना किसी दबाव के वाद भूमि का विक्रय करना चाहता है तथा आपत्तिकर्ता किसी प्रकार से हितबद्ध पक्षकार नहीं होने से आपत्ति ख़ारिज किया जाता है. प्रायः भी दर्ज किया गया है कि हलका पटवारी से प्रतिवेदन अप्राप्त. प्रतीक्ष हो।
बड़ी चतुराई से कलम फसने से बचाया गया है. आवश्यकता में बिना किसी दबाव के जमीन विक्रय करना चाहता है, इसमें बिना किसी दबाव के “गैर आदिवासी को” जमीं बेचना चाहता है … नहीं लिखा गया है. दूसरी वजह आपत्तिकर्ता का का प्रकरण में कोई हितबद्ध नहीं है. आपत्तिकर्ता का का निजी हित नहीं जुदा है लेकिन आदिवासी समाज का हित तो बाधित होता है. आपत्ति ख़ारिज करने की इतनी जल्दबाजी की हल्का पटवारी के प्रतिवेदन का भी इंतिजार नहीं किया गया है. ये कैसा दबाव और किसका प्रभाव है ?
दूसरा प्रकरण… राजाराम बिरको ग्राम हिर्री तहसील बिल्हा के अपने 1.89 एकड़ भूमि को गौरव यादव पिता बरतु यादव को बेचना चाहता है. दोनों व्यक्ति जमीन व्यवसायी हैं. दूसरी पेशी में राजराम से से भेंट हुई. उसे यह भी याद नहीं कि जमीन किससे ख़रीदा है. अगली पेशी 31 जुलाई को है.
तीसरा मुद्दा ग्राम उमरिया (बिल्हा) के आदिवासियों के श्मशान भूमि का था. इस मुद्दे पर पटवारी, आर आई . तहसीलदार को निवेदन के पश्चात एसडीएम को अंतिम ज्ञापन दिया गया. 31 जुलाई तक पहल करने का अश्वासन मिला.
अभियान में रमेश चन्द्र श्याम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष के साथ अनिल ध्रुव विनोद मरावी सहित उमरिया के युवाशक्ति रहे। उक्त जानकारी रमेशचंद्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दी गई।

