मूकनायक /कमलेश लवहात्रै

बिलासपुर

ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम, छत्तीसगढ़ और दुर्ग/भिलाई के समस्त बौद्ध संगठन द्वारा आयोजित धरने प्रदर्शन का आज छठवां दिन । रविवार छुट्टी के दिन चारों तरफ से बौद्ध समाज के दो सौ से ज्यादा की संख्या में लोगों ने आंदोलन को समर्थन देकर बढ़चढकर भाग लिया । महामानव मल्टी पर्पलस के आशीष चौहान ने महामानव धारा के नन्हें भीम सैनिकों की टीम के साथ मंच पर भीम गर्जना की और बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी से धरना स्थल पर पानी का एक कैंट और डस्टबिन दान किया,आप सभी को साधुवाद ।भीम आर्मी दुर्ग जिला के समस्त कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन देते हुए सुभाष मेश्राम और स्वप्निल बसोंड और अनिल मेश्राम भिलाई ने अपने जोशीले वक्तव्य से संबोधित किया । बिहार के बोधगया महाबोधी महाविहार से बीटी 1949 एक्ट निरस्त कराने और महाबोधी महाविहार को ब्राह्मणवाद से मुक्त करने के लिए देश के अलग अलग राज्यों में आंदोलन चल रहे है । दुर्ग जिले में ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सविता बौद्ध संकल्पी अर्थात सामनेरी खेमा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में एवं समता सुरक्षा सेना के संरक्षण में निरंतर जारी रहेगा। आज पांचवें दिन धरने स्थल पर सामनेरी विशाखा,सामनेरी संघप्रिया भिक्खू उपस्थित रहा । हमारी केवल दो ही मांगे पहली बीटी एक्ट 1949 रद्द हो और महाबोधि महाविहार गैर बौद्धों से मुक्त होना चाहिए । अन्यथा यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार सरकार बीटी एक्ट 1949 खत्म नहीं कर देती और महाबोधी महाविहार प्रबंधन बौद्धों को सौंप नहीं देती। भारतीय बौद्ध महासभा 1119 के महासचिव रामाराव ढोक ने अपने विचार रखें। डॉ.सरोज बौद्ध ने महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन एक माह के धरने की रूपरेखा कैसे तैयार की गई । इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी बात रखी ।


इस अवसर पर समता सुरक्षा सेना के डॉ.अरविंद चौधरी,अनिल जोग , सृष्टि सहारे,विनोद टेंभरे,जयश्री बौद्ध,अल्का बौद्ध, ,कानीपनाथ वासनिक,महेंद्र बौद्ध,सरिता टेंभुरने, साक्षी बौद्ध,अंकित मेश्राम,सुलोचना बौद्ध,इंदु ढोक, ,सुखवंता घरडे, पुष्पा गजभिए,सुनंदा गजभिए,विद्या बौद्ध,महेंद्र चौहान,जीजा भगत,मायावती थूल,ललिता मुन ,प्रकाश सहारे,भूमिका,रितिका वासनिक,नंदा गोस्वामी,नामेश्वरी,शोभा पाटिल,गोंदिया महाराष्ट्र से के.एम.बागड़े और रत्ना बागड़े,पुष्पलता भोईर , ललिता मेश्राम,रोहिदास मेश्राम,खुशबू बौद्ध,नवीनकृति बौद्ध मलाजखंड,अनिल मेश्राम ,यशवंत रामटेके,दशरथ प्रसाद अहिरवार,सुदेश कुमार,भूपत बोरकर,इंदिरा खोबरागड़े,अल्का भावे,प्रमिला रंगारी,ज्योति गेडाम, रसिया सहारे,योगेश सोमकुवर,सारिका मेश्राम, संघमित्रा सोमकुवर,योगा डोंगरे, बी.बी. शेल्लारे लतिका खांडेकर ,प्रतीक्षा, लक्ष्मी वासनिक,नलिनी चौहान,किरण गणवीर,पंचशील मेश्राम,शिला अम्बादे, आसाराम वाहाने,सिद्धार्थ बोरकर,अल्का जनवंधु,अष्टशिला वासनिक,सुरेश भूषण नाडिया आदि ने शांति पूर्ण नारों से अपनी आवाज बुलंद कर गरिमामई उपस्थिति दर्ज कराई।
इंदु ढोक ने धरना प्रदर्शन में पहले दिन से जलपान की सेवाएं संभाली है।