Thursday, February 26, 2026
Homeहरियाणासमाज में फैला अंधविश्वास और पाखंड समाज की तरक्की में रोड़ा

समाज में फैला अंधविश्वास और पाखंड समाज की तरक्की में रोड़ा


मूकनायक/ रमेश पोडिया

हिसार /हरियाणा

महिलाएँ गाडी के चारों टायर क्यों सिंजती है।
साथियों एक समय था जब हमारे दादा, परदादा जी के पास काठ के पहिऐ वाली गाडी होती थी और उस पहिए पर रबड चढी हुई होती थी, कच्चे रास्ते हुआ करते थे और लम्बा चलना होता था लम्बा चलने से गाडी के पहिए के उपर जो रबड चडी हुई हुआ करती थी लम्बा चलने से वो रबड गर्म होकर पहिऐ उतरना शुरू हो जाती थी उस रबड को ठंडा रखने के लिए लोग उस पहिऐ पर पानी डालते थे ताकि रबड पहिऐ से चिपका रहे और उतरे ना।
लेकिन माँ मेरी माँ-बहनों ने इसे अंधविश्वस व पाखंड का रूप दे दिया।
आज तो हमारे पास लगजरी गाडियाँ है, एसी गाडियाँ है उनके पहिऐ रबड और लोहे से बने होते है। लेकिन
आज भी जब हमारे बच्चे गाडी में बैठकर कहीं जाते है तो माताएँ गाडी के चारों (4) टायर सिंजती है
माताओं ने पाखंड का रूप देकर एक परम्परा बना दी। इसके मूल लोजिक को समझे अंधविश्वस व पाखंड से दूर रहे।
लेखक:-बौद्धाचार्य गुरनाम रूपगढ-धम्म प्रचारक एवं प्रदेशाध्यक्ष
बौद्धाचार्य यूनिट हरियाणा
तरंग बुद्ध विहार उकलाना-मंडी, हिसार
M.No.7027272622

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments