मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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सब्र के घूंट में एक ऐसा गुण है, जो हमें जीवन में सफलता, शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। इसलिए हमें सब्र से काम करना चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए। सब्र हमें जीवन के उतार-चढ़ावों से निपटने में मदद करता है और हमें एक बेहतर इंसान बनाता है। जीवन में कई बार कुछ ऐसी स्थितियां आती हैं, जब मनुष्य के सब्र का बांध टूटने लगता है और उसे अपने ऊपर कंट्रोल कर पाना मुश्किल होता है । ऐसे समय में आप किसी भी इंसान के मजबूत या कमजोर होने के बारे में आसानी से जान सकते हैं ।
मानव जीवन में सब्र के घूंट कभी कभी इतने कड़वे होते हैं, जो जिंदगी की मिठास को छीन लेते हैं । सब्र या फिर कहें, सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी भी ना तो किसी के कदमों में और ना ही किसी की नजरों में गिरने देती है । सब्र करने के लिए, आपको पहले अपनी बेसब्री को कम करना होगा और शांत रहना सीखना होगा। क्रोध, निराशा व अहंकार को कम करें और अपने कार्यों को दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ें।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

