
मूकनायक/शीतल रामटेके
बिलासपुर
पंचशील बुद्ध विहार, टिकरापारा में पावन पूर्णिमा के अवसर पर समाज सुधारक, निर्भीक कवि और महान संत कबीर साहब की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाए गए एक सराहनीय कदम वृक्षारोपण के साथ हुई।
विहार के उपासकों द्वारा वृक्षारोपण कर संत कबीर के जीवन-दर्शन और पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया गया। पंचशील बुद्ध विहार लगातार पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करता आ रहा है।
इसके पश्चात समस्त उपासकों ने सामूहिक रूप से बुद्ध, धम्म और संघ वंदना ग्रहण की। वंदना की शांतिपूर्ण तरंगों ने पूरे विहार को बुद्धमय ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में फूले निःशुल्क पाठशाला के कक्षा 6वीं के छात्र प्रिंस साहू ने संत कबीर के जीवन, उनके विचारों और समकालीन समाज में उनकी प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत किए।
विहार के उपासक आयु. योगेश मानवटकर ने संत कबीर की वाणी को सामाजिक परिवर्तन का शक्तिशाली साधन बताते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी अत्यंत आवश्यक बताया।
वहीं उपासिका आयु. अनामिका पाटिल ने कबीर साहब के कार्यों, उनकी समाज को दी गई चेतना, तथा उनके निर्भीक चिंतन से उपस्थित उपासकों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का समापन आयु. अशोक ठाकरे जी के द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी उपासकों और छात्रों को इस प्रेरणादायक आयोजन का हिस्सा बनने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर आयु. अशोक ठाकरे, आयु. योगेश मानवटकर, आयु. राजेंद्र गणवीर, आयु. एस.आर. वाल्के, आयु. ललिता वाहने, आयु. मीरा वाल्के, आयु. अनामिका पाटिल, आयु. आरती मानवटकर, आयु. पूजा लोकेश उके, आयु. लोकेश पूजा बौद्ध सहित फूले निःशुल्क पाठशाला के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

