Thursday, February 26, 2026
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बहुआयामी प्रतिभा के धनी सीस राम राठौड़ का निधन | कई खिलाडियों को अपने खर्च पर खेलों में दिलाई पहचान

सोलन (जगदीश कश्यप) खेल के द्रोणाचार्य सीस राम राठौड का निधन | राजधानी शिमला हिमाचल प्रदेश में शिक्षा निदेशालय में उप निदेशक (क्रीड़ा) के रूप में सितंबर 2009 में हुए थे सेवानिवृत्त । सिस राम राठौर निवासी ग्राम पोस्ट ऑफिस (सायरी),सायरी तहसील ममलीग ज़िला सोलन हिमाचल प्रदेश के सुविख्यात व्यक्तित्व आज हमारे बीच नहीं रहे । सीस राम राठौड़ गत दिवस 4 जून 2025  को दोपहर 12-30 बज़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सायरी में गम्भीर अवस्था में लाए। जहाँ डॉक्टरों, विशषज्ञों की टीम ने उन्हें अपने पूर्ण परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया | वह पिछले कुछ महीनों से गम्भीर बिमारी से ग्रस्त थे। उनकी पत्नी रक्षा देवी राठौर सदैव उनकी देखभाल में रही है| उनके परिजनों ने सायरी, एम एम यू सुल्तानपुर (सोलन), चण्डीगढ़ व शिमला आईजीएमसी में भी उपचाराधीन रखा। अंतिम समय में वो घर पर ही लिवा लाये थे। जहाँ परिजनों ने उनकी सेवा व देखभाल की | उप निदेशक सीस राम राठौड़ अपने दो भाइयों व एक बहन में सबसे बड़े थे। उनके भाई हंसराज राठौर व अमर सिंह राठौर सशस्त्र सेवा बल में उच्च पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी बहन शकुंतला देवी का विवाह खुशहाला(शोघी) निवासी गीता राम चौहान जो श्रम मंत्रालय भारत सरकार में एक उच्चाधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त से हुआ। उनके दो बेटे व तीन बेटियां हैं । राठौर साहब अपने पीछे दो बेटों महेंद्र राठौर शिक्षा विभाग में DPE,उनकी पत्नी पुष्पा राठौर भी शिक्षा विभाग में अंग्रेजी की प्रवक्ता हैं । जबकि उनके छोटे बेटे देवेंद्र राठौर हिमाचल पुलिस में अधिकारी व उनकी पत्नी सुमन राठौर शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। सीस राम राठौर साहब ने हिमाचल प्रदेश से सैंकड़ों खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग दिलवाया और अनगणित स्वर्ण पदक व अन्य पदक हिमाचल प्रदेश को दिलवाने में सहभागी रहे। उनकी अपूर्णनीय क्षति पर अनेक सेवानिवृत्त शिक्षार्थियों को अंतिम यात्रा में रोते- सिसकते देखा गया। राठौर साहब न केवल क्रीड़ा क्षेत्र में ही जाने जाते रहे बल्कि अंग्रेजी पाठन में भी सिद्धहस्त थे। उन्हें सुंदर लेखन हेतु भी विद्यालयों व शिक्षा निदेशालय में विशेष रूप से स्मरण किया जाता रहेगा। उन्हें ग्वालियर विश्वविद्यालय से M. P. Ed.  में स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ था। राठौर साहब ने अपने खर्च पर अनेकों बच्चों को शिक्षण व प्रशिक्षण दिलवाया था। इस बात के लिए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की जाती है। उनके परिजन आज अपार दु:ख में है । सीस राम हमेशा ऊंची, दूरगामी सोच और सबसे सद्व्यवहार हेतु सदैव याद किए जाते रहेंगे | 

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