मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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संबंधों में दूरियां और नजदीकियों का निर्धारण एक जटिल प्रक्रिया है, जो कई कारकों पर निर्भर करती है। यह संबंध के प्रकार, व्यक्तिगत मूल्यों और सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित हो सकता है। संबंधों में दूरियां भौतिक दूरी, भावनात्मक दूरी या विचारों की भिन्नता के रूप में हो सकती हैं। दूसरी ओर, नजदीकियों में भावनात्मक जुड़ाव, साझा मूल्यों और परस्पर विश्वास शामिल हो सकते हैं। दो लोगों के बीच सद्व्यवहार, समझ और सहानुभूति की भावनाओं को परस्पर समझना भी संबंधों की दूरियों के निवारण में अहम भूमिका है ।
प्रकृति का काम तो सिर्फ हमें मिलाना है, लेकिन संबंधों की दूरियों या नजदीकियों का निर्धारण केवल हमारा व्यवहार करता है ! इसलिए सबको हँसाना लेकिन कभी किसी पर हंसना मत, सबके दुख बांटना, लेकिन किसी को दुखी मत करना । सबकी राह में दीप जलाना, लेकिन किसी का दिल मत जलाना “यही संतमत की रीत है”, जैसा बोओगे, वैसा ही पाओगे। बाकि दो पल की जिंदगी है, इसे जीने के सिर्फ दो ही उसूल हैं। रहो तो फूलों की तरह और बिखरों तो खुशबू की तरह..
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

