मूकनायक ब्यूरो चीफ रिडमल राम परमार
सांचौर, 20 जून 2025 – भारतीय बौद्ध महासभा के तत्वावधान में सांचौर में एक ऐतिहासिक और भावपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब थाईलैंड से उपसंपदा ग्रहण कर पहली बार पधारे भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन के सम्मान में भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह का शुभारंभ भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसका संचालन भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय बौद्ध अनुयायी एवं समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता के रूप में भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन ने बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांत – अहिंसा, करुणा और समानता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “बुद्ध का मार्ग आत्मिक विकास और सामाजिक न्याय का पथ है, जिसे अपनाकर हम एक समरस और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना कर सकते हैं।” उनके प्रेरणादायक विचारों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।

इस अवसर पर सील सागर फुलेरा, प्रकाश पांचाल, केसाराम मनूवेर, पहाड़ाराम धोरावत, शांतिलाल नागवंशी ने भी अपने विचार रखे और बौद्ध विचारधारा को समाज में फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने बताया कि यह आयोजन बौद्ध समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। उन्होंने कहा कि “भंते सिद्धार्थ वर्धन का सांचौर आगमन न केवल हमारे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह आयोजन बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।”

समारोह में रूप चौहान, ईश्वर पंचाल, जितेन्द्र गोयल, प्रवीण बौद्ध, बंशीलाल जयपाल, रूपाराम पारीक, गणेश मनूवेर, अशोक कुमार धोरावत, हीरालाल धोरावत, जवाराराम गोयल, धनाराम सहित समाज के अनेक प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन न केवल एक स्वागत समारोह था, बल्कि बौद्ध दर्शन की चेतना को पुनः जागृत करने और सामाजिक समरसता को बल देने वाला एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।

