मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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इज़्ज़त” और “मोहताज” के बीच के रिश्तों में एक गहरा और महत्वपूर्ण संबंध है। “मोहताज” का अर्थ है किसी चीज की ज़रूरत होना है, जबकि “इज़्ज़त” का अर्थ है, सम्मान और प्रतिष्ठा है । ताल्लुक और रिश्ते हमेशा इज्जत के मोहताज होते हैं।” इसका मतलब है कि रिश्ते और संबंध इज्जत के आधार पर ही मजबूत होते हैं क्योंकि इन्हें जितनी इज्जत दी जाए, रिश्ते उतने ही गहरे होते जाते हैं।
ज़मीन और मुकद्दर की एक ही फितरत है, जो बोया है, वो ही निकलना तय है। इसलिए ताल्लुक और रिश्ते फुर्सत के नहीं बल्कि इज्जत के मोहताज होते हैं, जितनी इज़्ज़त दी जाए, उतने ही गहरे और सफल होते हैं। याद रखना रिश्तों का गलत इस्तेमाल कभी मत करना, अच्छे लोग जिंदगी में बार-बार नहीं आते। समझदार इंसान ना तो किसी की बुराई सुनता है और ना ही किसी की बुराई करता है। बाकि दुआ भी उसी की लगती है, जो किसी को बददुआ नहीं देता
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

