Thursday, February 26, 2026
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तर्क और प्रमाणों के साथ हुआ धम्म संवाद

विशेष धम्म क्लास में महिलाओं ने जाना और समझा बाबा साहब के विचार

बौद्धाचार्यों ने बताया धम्म क्यों आवश्यक है

मूकनायक छत्तीसगढ़

भगवान बुद्ध के धम्म के प्रति बाबा साहब के विचारों और योजनाओं को बताने के लिए रविवार को बौद्ध कल्याण समिति द्वारा आयोजित महिलाओं के लिए विशेष धम्म क्लास का आयोजन किया गया।

   कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान बुद्ध और बाबा साहब के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया। बौद्धाचार्य वंदना मेश्राम ने भगवान बुद्ध की वंदना करायी। 

 धम्म क्लास में उन्होंने बताया कि कैसे भगवान बुद्ध के बताये धम्म का अनुसरण कर व्यक्ति सुख को प्राप्त कर सकता है। 

      बौद्धाचार्य प्रवीण नोन्हारे ने पीपीटी के माध्यम से समझाया कि हमें बुद्ध मय बनाने के बाबा साहब ने किस तरह की योजनाओं पर कार्य करने कहा था।  

धम्म दीक्षा के समय बाबा साहब ने बताया कि समता और मैत्री के प्रतिक भगवान बुद्ध की धम्म हमारे लिए क्यों जरुरी है। पूरी समण संस्कृति हमारी अपनी संस्कृति है।
बौद्धाचार्य प्रवीण ने बताया कि रंगून में बौद्ध सम्मलेन में और अन्य अवसरों पर बाबा साहब ने बुद्ध मय समाज बनाने के लिए आवश्यक कार्यों को बहुत स्पष्ट रूप में बताया है, बुद्ध मय समाज बनाने के लिए इस पर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना होगा। धम्म क्लास में पूजा, श्रद्धा, कर्मकांड जैसे विषयों पर भगवान बुद्ध के सूक्तों और बाबा साहब के साहित्यिक प्रमाणों को प्रस्तुत करते हुए समझाया गया।

   धम्म क्लास में प्रशिक्षक प्रशांत सुखदेवे ने संविधान में महिलाओं को दिये गये अधिकारों को समझाया। उन्होंने संविधान के भाग, अनुसूची और अनुच्छेदों के बारे में बताया। साथ ही हिन्दू कोड बिल बाबा साहब क्या प्रावधान किये थे, यर भी विस्तार से समझाया। 
  प्रशांत  ने बताया कि बाबा साहब ने संविधान में जो लिखा वो भगवान बुद्ध के समता मूलक धम्म से ही प्रेरित है। धम्मक्लास को बौद्ध कल्याण समिति के सह सचिव विनोद श्रीरंगे नए संबोधन किया

धम्म क्लस का समापन विजय रंगारी ने किया।
महिलाओं के विशेष धम्म क्लास में बच्चों के धम्म क्लास के प्रशिक्षक मनिषा भीमटे, सुनीता शेंडे, नीति दामले के साथ बुद्धमित्रा वासनिक, नीति दामले, हर्षिका गजभिये, ममता मेश्राम, पायल मेश्राम, पुष्प लता गनवीर, जसवंता रामटेके, सुलभा मेश्राम, शालिनी जनबंधु , भारती मेश्राम, माया खोबरागड़े, मीना गजभिए, मीना श्रीरंगे , माया मेश्राम, कौशल्या नागदेवता, प्रियंका टेम्बुरकर एवं अन्य उपासिकाएं उपस्थित थे।

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