
मूकनायक/संतोष सहारे
डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़
बौद्ध अनुयायों एवं करुणा , मैत्री, सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने वाले सामाजिक चिंतकों के द्वारा प्रज्ञा गिरी पर्वत के समीप अपना आश्रम चलने वाले ढोंगी बाबा के काले कारनामों से पुरे डोंगरगढ़ के साथ-साथ हर चिंतक के मन में काफी रोष है।
गौरतलब है कि प्रज्ञा गिरी पर्वत के ऊपर तथागत भगवान गौतम बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थापित है, तथागत गौतम बुद्ध के देश में नहीं विदेश में भी अनेकों अनुयायि है। विगत कई वर्षों से सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा प्रज्ञा गिरी पर्वत के ऊपर बौद्ध सम्मेलन का आयोजन करते आ रहे हैं इस सम्मेलन में देश व विदेश के अनुयायियों के साथ-साथ पूजनीय भंते जी भी करुणाऔर मैत्री का संदेश देने यहां एकत्रित होते हैं, ऐसे पवित्र स्थल के समीप योग ढोंगी बाबा योगी क्रांति अग्रवाल पिता पहलाद अग्रवाल अपने फार्म हाउस से नशे का कारोबार करने के साथ-साथ आश्रम में अनैतिक कार्य का संचालन करना कहीं ना कहीं प्रशासन व पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देने के बराबर है।
//स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़///
ढोंगी बाबा योगी कांतिलाल अग्रवाल के फार्म हाउस में संचालित आश्रम से करीब 200 किलो अवैध गांजा का भंडारण करना इस बात को प्रमाणित करता है कि उसके आश्रम से अनेकों लोग अवैध गांजा का सेवन करते होंगे तभी तो इतने बड़े पैमाने में अवैध गांजा का भंडारण करना इस बात को प्रमाणित करता है।आज की युवा पीढ़ी नशे की ओर ज्यादा आकर्षित है, ढोंगी बाबा स्थानीय युवाओं के भविष्य को किसी और धकेल रहा है इसकी पीड़ा तो उसके परिजन ही भली-भांति समझ सकते हैं।
अवैध नशे के कारोबार के साथ-साथ पर्यटकों को भी अनैतिक कार्यों के माया जाल में फंसा कर उनका आर्थिक शोषण करना ही ढोंगी बाबा का मुख्य उद्देश्य प्रतीत होता है क्योंकि अनैतिक कार्यों में लगने वाले खिलौने का मिलन अपने आप में इस बात का गवाह है कि स्थानीय युवाओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी अपने माया जाल में फंसा कर उनका आर्थिक शोषण करना ही क्रांति अग्रवाल का लक्ष्य था।
पवित्र नगरी डोंगरगढ़ के निवासियों का यह मानना है कि अब यह देखना होगा कि प्रशासन व पुलिस प्रशासन क्रांति अग्रवाल अवैध नशे के कारोबार व योग आश्रम के आड़ में अनैतिक कार्यों को पूरी तरह समाप्त कर युवाओं को सही दिशा में लाने में अपनी अहम भूमिका अदा करेगी ?

