मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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इंसान का हर रिश्ता विश्वास की बुनियाद पर ही खड़ा होता है, चाहे वह दुनिया का कोई भी रिश्ता हो । अगर किसी रिश्ते में विश्वास की बुनियाद टूट जाए या हिल जाए तो उसके ऊपर का जीवन रुपी मकान गिर जाएगा या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगा । अक्सर विश्वास खत्म होने की स्थिति में धीरे धीरे उस रिश्ते में नकारात्मकता और अविश्वास की वो बातें अपने आप सामने आ जाती हैं, जो रिश्ते में और दूरियां पैदा कर देती हैं! कभी-कभी अगर रिश्ता बहुत अधिक पुराना हो और प्रेम से बंधा हुआ हो तो विश्वास खत्म होने के पश्चात भी, दोनों तरफ से अगर उसे सहारा दिया जाए तो रिश्ता दोबारा खड़ा हो सकता है परंतु इसमें वक्त लगना स्वाभाविक है !
जीवन में गलतियाँ होती हैं, लेकिन हमें कभी भी किसी का विश्वास नहीं तोड़ना चाहिए। विश्वास एक अमूल्य संपत्ति है और इसे खोना बहुत मुश्किल होता है । दस मिनट किसी संस्कारी और अच्छे मित्र, बुजुर्ग या किसी संत के पास बैठिए! आप महसूस करेंगे कि आपकी जिंदगी उम्मीद से भी ज्यादा सुंदर है। गौतम बुद्ध ने कहा कि “मार्ग दिखा सकता हूं, चलना तो आपको ही पड़ेगा। बाकि क्षमा केवल गलती का मरहम हो सकता है, विश्वास तोड़ने का नहीं । इसलिये जीवन में हम कोई गलती भले ही करें, परंतु किसी का विश्वास ना तोड़ें क्योंकि माफ करना फिर भी सरल है परंतु उसे भूलना व पुन: विश्वास करना असंभव है।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

