मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जीवन के झटके” से तात्पर्य है कि जीवन में आने वाली अप्रत्याशित और कठिन परिस्थितियाँ, जो व्यक्ति को प्रभावित करती हैं और इनसे निपटने के लिए व्यक्ति को परस्पर सहयोग की आवश्यकता भी होती है। हर इंसान के जीवन में कुछ ऐसे पल अनायास ही आ जाते हैं जिससे जीवन में बड़ा झटका लगता है और हम टूटने लगते हैं परंतु यह वही समय है, जहाँ हम अगर हिम्मत दिखाए तो हम उस परिस्थिति से आसानी से उबर सकते है । जीवन में कुछ झटके ऐसे लगते हैं, जो बाक़ी जीवन के लिए सारे पर्व-त्यौहार और समारोह के प्रति दिलचस्पी ख़त्म कर देते हैं ।
जीवन के झटके और अनुभव इंसान को जीना सिखा देते हैं। जब जल गंदा हो जाता है, तो उसे हिलाते नहीं हैं, बल्कि शांत छोड़ देते हैं, धीरज रखते हैं । ऐसा करने से गंदगी अपने आप नीचे बैठ जाती है और साफ जल अपने – आप ऊपर आ जाता है । इसी तरह जो मनुष्य धीरज रख सकता है, वह अपना इच्छित सब कुछ पा सकता है । जैसे स्पीड ब्रेकर कितना भी बड़ा क्यों ना हो, गति धीमी करने से कभी झटका नहीं लगता, उसी तरह मुसीबत कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, शांतिपूर्वक विचार करने पर जीवन में कभी झटके नहीं लगते ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

