
मूकनायक/ अजय अनंत
बिलासपुर छत्तीसगढ़
गुरुघासीदास सेवादार संघ [GSS] की पहलकदमी पर संस्थापित संस्थान “सतनाम धर्म दीक्षाप्रदाय व प्रचार संस्थान” [SDDPS] द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार ऑनलाइन गूगल मीट में दीक्षा समारोह संपन्न हुआ।
इस दीक्षा समारोह में स्वैच्छिक भागीदारी के लिए जिन लोगों ने सतनाम धर्म अपनाने/दीक्षा लेने का आवेदन दिया था, उन सबको दीक्षाप्रदाता साहेब लखन सुबोध [केंद्रीय संयोजक GSS व संरक्षक SDDPS] द्वारा दीक्षा दिया गया।
इस धर्म संपरिवर्तन को "छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1968" व नियम 1969 के तहत सुसंगत बनाने दीक्षाप्रदाता लखन सुबोध द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को प्रारूप 'क' में सूचना प्रस्तुत की जावेगी एवं इस सूचना के समर्थन में दीक्षित व्यक्तियों द्वारा भी जिला मजिस्ट्रेट को हलफनामा प्रस्तुत किया जावेगा।
सतनाम धर्म के इन नवदीक्षितों द्वारा आगामी 2-3 माह के अंदर समयबद्ध व क्षेत्र- जिलाबद्ध कार्यक्रम बनाकर हजारों लोगों को दीक्षा ऑनलाइन/ऑफलाइन दिया जाएगा।
GSS/SDDPS ने यह तय किया है कि, जिन हजारों लोगों द्वारा सतनाम धर्म की दीक्षा प्राप्त कर लेंगे, वे आगामी सितंबर-अक्टूबर में रायपुर में एक बड़ी सभा-प्रदर्शन कर, सरकार से मांग करेंगे कि, अब हमें गुरुघासीदास प्रवर्तित सतनाम धर्म के अनुयायी कहा जाय, लिखा जाय, गिना जाय।
इस आगामी आयोजन में मित्र धार्मिक संगठनों- मानवतावादी हिंदू धर्म बौद्ध धर्म सिक्ख धर्म, मुस्लिम धर्म, ईसाई धर्म, आदिवासी धर्म, कबीर धर्म, रविदासी धर्म, कूर्म/कुर्मी धर्म, तैलीय धर्म आदि समतावादी धर्म के प्रतिनिधियों को सादर आमंत्रित किया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए सक्षम टीमों का निर्माण किया जा रहा है।

