मेसर्स पावसुन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गोदवाली का मामला
पारसनाथ प्रजापति
मूकनायक संवाददाता सिंगरौली
सिंगरौली। गोंदवाली में एक कोल वासरी बिना कलेक्टर के अनुमति के ही कोयले का भण्डारण पिछले करीब दो-तीन महीने से किया जा रहा है जहां खनिज अमला बेसुध है जानकारी के मुताबिक बरगवां थाना क्षेत्र के गोंदवाली में पिछले दो-तीन महीने से मेसर्स पावसुन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड गोंदवाली में कोल वासरी के नाम से कोयले का भण्डारण किया जा रहा है सूत्र बताते हैं कि कलेक्ट्रोरेट के खनिज शाखा से कोल भण्डारण के लिए अनुमति नही मिली है हालांकि पिछले कुछ महीने से उक्त कंपनी के कर्ताधर्ता द्वारा कलेक्ट्रेट के खनिज शाखा में अनुमति के लिए आवेदन दिया हुआ है अनुमति क्यों नही दी गई, यह विभागीय मसला है लेकिन सवाल उठाया जा रहा है कि बिना कलेक्टर के अनुमति से दो-तीन महीने से कोल का भण्डारण किसके अनुमति से किया जा रहा था अब इस बात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही है सूत्र बताते हैं कि गोंदवाली कोलसाइडिंग में भारी मात्रा में एनसीएल के विभिन्न परियोजनाओं से कोयला का परिवहन कर भण्डारण किया गया है
इधर प्रदूषण नियंत्रण अमला भी बेसुध है
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण सिंगरौली की कार्यप्रणाली हमेशा से चर्चाओं में रहा है यहां के अधिकारी एसी दफ्तर से बाहर निकलना मुनासिब नही समझते यही वजह है कि गोंदवाली अंचल पर्यावरण प्रदूषण की मार से झेल रहा है फिलहाल इस मामले में खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल को भी पूरी तरह से जानकारी नही है उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देखने के बाद ही बता पाऊंगी।

