
मूकनायक/स्वराज मैश्राम
बिलासपुर /छत्तीसगढ़
_”धरोहर बचेगी तो संस्कृति बचेगी, संस्कृति बचेगी तो इतिहास बचेगी, इतिहास बचेगी तो आने वाली पीड़ी बचेगी” … भिक्खु धम्मतप
आल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम के तत्वाधान में महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन BT, ACT-1949,को समाप्त करने के साथ ही बौद्धों को महाबोधि महाविहार का सम्पूर्ण प्रबंध सौपने के निर्णायक संघर्ष हेतु बिलासपुर में भी धरना-प्रदर्शन, महारैलि व आमसभा आयोजित करने हेतु आए हुए समस्त उपासक, उपासिकाओ ने अपने सारगर्भित विचार एवं सुझाव करुणा बौद्ध विहार कीर्ति नगर बिलासपुर में दिए।
राजेश हुमने ने बताया कि तीसरी बैठक बहुत ही जल्द आनंद बौद्ध विहार, पंचशील कालोनी यदुनंदननगर के सम्मानीय पदाधिकारियों से चर्चा करने के पश्चात् वहा पर मीटिंग आयोजित की जाएगी जिसकी सूचना आप समस्त उपासक व उपासिकाओ को वाटस्प ग्रुप के माध्यम से दी जावेगी।राज्य स्तरीय महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन 01 जुलाई से 31 जुलाई प्रत्येक जिले में किया जाना है, आंदोलन के तहत धरना कार्यक्रम की तैयारी के लिए बैठक आयोजित की गई थी।
गौरतलब है कि महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन संबंधित आल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम के नेतृत्व में बीटी एक्ट 1949 को रद्द करने एवं बौद्धों को पूर्ण प्रबंधन सौपे जाने के संबंध में बोधगया में धरना प्रारंभ है।
इसी तारतम्य में भिक्खु धम्मतप,राजनांदगांव (छ.ग.) के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिला स्तरीय,संयुक्त जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय "महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन (छत्तीसगढ़)"के नाम से धरना प्रारंभ किया जाना है।

