मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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मुसीबत के समय जब कोई साथ ना दे, तब किसी से उम्मीद करने की आवश्यकता नहीं है । ऐसे हालात में केवल सेविंग किया हुआ ‘रुपया’ आपका साथ देता है । रुपया साथ छोड़ दे, तब दिल से जुड़ा हुआ ‘रिश्ता’ साथ देता है और रिश्ता भी साथ छोड़ देता है, तब आपका ‘आत्मबल’ आपका साथ निभाता है, परंतु आपका आत्मबल भी जवाब दे जाए, तब महापुरुषों के प्रति आपकी अटूट ‘आस्था’ आपका साथ ही नहीं देती है बल्कि मुसीबत में आपका मार्ग प्रशस्त भी करती है !
विकट परिस्थितियों में व्यवहार और बोले गए शब्दों का बड़ा महत्व होता है । ये” शब्द” ही तो है, अगर “दिल” में चुभ जाए तो… “इंसान” को “निशब्द” कर देते हैं। कहते हैं कि मुसीबत और ख़ुशी बिना किसी अपॉइंटमेंट के आ जाती है । इसलिए अपने आप को इतना तैयार रखे कि मुसीबत के समय ‘होश’ और ख़ुशी के समय ‘जोश’ कायम रहे । बाकि मिले हुए समय को ही अच्छा बनाए । अगर अच्छे समय की राह देखोगे तो पूरा जीवन कम पड़ जायेगा…
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

