रमन कश्यप। मूकनायक शिमला ग्रामीण हिमाचल प्रदेश
शिमला,दि.30 : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना में, धल्ली टनल के पास स्कूल जा रहे तीन स्कूली बच्चों पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इस हमले में दो बच्चों को गंभीर चोटें आईं, जिनके पैरों पर गहरे घाव हो गए और खून बहने लगा। पीड़ित बच्चों के परिजनों में आक्रोश है। एक पिता, कर्मचंद भाटिया, ने शिमला नगर निगम के मेयर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की मांग की। नगर निगम की बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जहां पार्षदों ने मेयर पर शहर में आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने में विफलता का आरोप लगाया।इसके साथ ही, शिमला में बंदरों का उत्पात भी एक बड़ी समस्या बन गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं, सामान छीन रहे हैं और सार्वजनिक स्थानों पर डर का माहौल पैदा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती आबादी और उनके हमलों ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। इसके बावजूद, नगर निगम ने न तो आवारा कुत्तों और न ही बंदरों की समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं।नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की निष्क्रियता के कारण शहर में असुरक्षा बढ़ रही है। लोग खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करे।

