Thursday, February 26, 2026
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धर्मनिरपेक्ष राज्य पक्षधर धार्मिक संगठनों के मोर्चे की ओर से महती सभा प्रदर्शन आयोजित

प्रदर्शन में नारा गूंजा” अम्बेडकरी संविधान की रक्षा कौन करेगा -हम करेंगे हम करेंगे”

मूकनायक/अजय अनंत

बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर में धर्मनिरपेक्ष राज्य पक्षधर धार्मिक संगठनों के मोर्चे ( DRPDSM) द्वारा संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के विरुद्ध कार्य करने वाले सोच और ताकतों के खिलाफ डॉक्टर अम्बेडकर प्रतिमा के पास जेल रोड पर आम सभा आयोजित की गई । बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक समुदाय पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ एवं मसीही समाज द्वारा शांतिपूर्वक धर्माचरण करने के लिए शपथ पत्र प्रस्तुत कर बिलासपुर जिले के कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।उक्त कार्यक्रम में उपस्थित साथियों ने संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के रक्षा की शपथ लेते हुए लोकतंत्र,बहुलतावादी समाज,अभिव्यक्ति की आजादी,शांतिपूर्वक बिना किसी को नुकसान पहुंचाते हुए धर्माचरण की आज़ादी तथा हिन्दू मुस्लिम,सिख, ईसाई,बौद्ध,पारसी,जैनी – आपस में है बहन भाई के विचारों को बुलंद किया।वक्ताओं ने यह भी शिद्दत से कहा कि देश की खूबसूरती उसके बहुलतावाद और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में है।देश की आम जनता, मेहनतकश वर्ग,किसान,युवा,विद्यार्थी, दलित,आदिवासी, महिला और अल्पसंख्यक समुदाय के उन्नति एवं प्रगति के लिए समता और एकता विचारधारा की नितांत आवश्यकता है। जिससे समाज में प्रगति के साथ देश की प्रगति भी होती है।विदित हो कि बहुत पहले से इस कार्यक्रम के बारे में अनुमति मांगी गई थी लेकिन मात्र एक दिन पूर्व आमसभा प्रदर्शन की अनुमति को जिला प्रशासन द्वारा वापस लिया गया।बावजूद इसके आयोजकों ने उसी जगह पर बिना टेंट के सड़क पर प्रदर्शन किया और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जुलूस निकाला।कार्यक्रम में शिरकत कर रहे लोगों ने रोषपूर्वक इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया।देश की प्रगति के लिए सामाजिक सद्भाव बहुत ज़रूरी है। सामाजिक सद्भाव से लोगों के बीच एकता और सहयोग की भावना बढ़ती है, जिससे देश के विकास को बढ़ावा मिलता है।सामाजिक सद्भाव किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार होता है। जब समाज में लोग एक दूसरे के साथ सद्भाव और शांति से रहते हैं, तो प्रगति के लिए एक बेहतर माहौल बनता है। सामाजिक सद्भाव को प्रबलता के साथ बढ़ाने की जरूरत है। सामाजिक सद्भाव के विपरीत आचरण करने वालों अंकुश लगा करके उनके विरुद्ध कार्यवाही किया जाना चाहिए।इस संदेश के साथ रैली निकालकर लोगों को अवगत कराया गया।
आम सभा में एडवोकेट प्रशांत भूषण,किसान नेता डॉक्टर योगेंद्र यादव,मानवाधिकारवादी एडवोकेट सुधा भारद्वाज तथा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेशों को पढ़ा गया।विषय प्रवर्तन गुरुघासीदास सेवादार संघ GSS के अध्यक्ष लखन सुबोध ने किया।विशिष्ट वक्ताओं में जसबीर सिंह चावला राजनैतिक कार्यकर्ता,माइनारटीज सोशल एक्टिविस्ट पास्टर अनिश्चरण,जन संघर्ष मोर्चा छत्तीसगढ़ संयोजक प्रसाद राव,जाति उन्मूलन आंदोलन के अखिल भारतीय संयोजक कॉमरेड तुहिन,पीयूसीएल छत्तीसगढ़ अध्यक्ष जूनस तिर्की,पूर्व विधायक बसपा दूजराम बौद्ध,पीयूसीएल छत्तीसगढ़ महासचिव कलादास डहरिया,किसान मजदूर नेता कॉमरेड सौरा,जमात ए इस्लामिक हिंद के जनाब वाहिद सिद्दीकी,पास्टर सुधीशचरण,मोहम्मडन यूथ क्लब के जनाब खालिद खान,मसीही विश्वासी एक्टिविस्ट सीपत घासीन बाई कुर्रे, मजदूर नेता कॉमरेड लल्लन राम,सोशल वर्कर जनाब शाहरुख अली,एडवोकेट प्रियंका शुक्ला,फातिमा शेख सावित्री बाई फूले स्टडी सेंटर की जुलैखा जबीं,किसान नेता दीपक साहू,एडवोकेट दीपाली गुप्ता और GSS के वीरेंद्र भारद्वाज ने अपनी बात रखी।वरिष्ठ कवियत्री आशा सुबोध,रेला सांस्कृतिक मंच के कलादास,नीरा डहरिया और साथियों ने जन गीत प्रस्तुत किया।GSS के कार्यालय संयोजक अजय अनंत ने आम सभा का संचालन किया।इस अवसर पर दुर्ग,भिलाई,रायपुर,जशपुर,कोरबा,दल्ली राजहरा,बिलासपुर,जांजगीर चांपा से जनवादी संगठनों के प्रतिनिधि,ईसाई,मुस्लिम,सतनामी और बौद्ध समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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