मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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छल-कपट का परिणाम हमेशा नकारात्मक ही होता है। यह ना केवल दूसरों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि छल करने वाले व्यक्ति को भी दीर्घकालिक रूप से हानि पहुंचाता है। छल-कपट से सबसे बड़ा नुकसान विश्वास का होता है। जब किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो वह उस व्यक्ति पर दोबारा कभी भरोसा नहीं करता है। छल-कपट से पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक संबंधों में भी दरार आ जाती है और नोबत दुश्मनी तक आ जाती है। जब किसी व्यक्ति का छल-कपट उजागर होता है, तो उसकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचता है। लोग उस पर विश्वास करना बंद कर देते हैं और उसे समाज में भी सम्मान नहीं मिलता है। जो इंसान आलसी और छल-कपटी होते हैं, कर्म नहीं करते और भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं, ऐसे लोग अंत में कमजोर होने के साथ साथ अपना सम्मान खो देते हैं ।
बदल जाती है जीवन की सच्चाई उस वक़्त, जब कोई आपका अपना आपके सामने छल-कपट करता है । छल- कपट वही व्यक्ति करते हैं जिन्हे अपने सामर्थ्य पर भरोसा नहीं होता और जीवन में आत्मविश्वास की कमी होती है। ऐसे लोग जीवन में हार मान चुके होते है। छल को अपना बल समझने लगते हैं, लेकिन वक़्त के साथ वे कमजोर होते जाते है और अपना सम्मान भी खो देते है ।इसलिए कभी किसी के साथ छल कपट ना करें क्योंकि अच्छे कर्म करते हुए सभी के साथ व्यवहारिक रहने की कोशिश हमेशा मन को सुकुन देती है। इसलिए छल-कपट से बचने के लिए, ईमानदार रहें, हमेशा सच बोलें और दूसरों का सम्मान करें । दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा आप अपने साथ चाहते हैं।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

