मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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दैनिक जीवन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने, सामाजिक संबंध स्थापित करने, और अपने जीवन को सार्थक बनाने की अनुमति देता है। जीवन का प्रबंधन एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने, तनाव को कम करने और एक स्वस्थ जीवन जीने में मदद करता है। जीवन प्रबंधन एक ऐसा विषय है, जिसे सीखने की जरूरत हर किसी को है। जिंदगी का हर पल हमें कुछ सिखा कर जाता है, लेकिन यदि हम बिल्कुल भी होश में नहीं हैं तो हम इसका लाभ नहीं ले सकते। यदि आज भी जीने के तौर-तरीके नहीं सीखे गए और इन भूलों को दोहराते रह गए तो आने वाला भविष्य अंधकरामय हो सकता है। निश्चित तौर पर जीवन को संवारने के लिए जीवन की गहराई को समझना जरूरी है और अपनी क्षमताओं को पहचानना जरूरी है।
दुनिया का सबसे गलत इंसान वह है, जिसे लगता है कि हर बार हर चीज में केवल वही सही है । परेशानी आए तो ईमानदार व धैर्यवान रहें, धन आए तो सरल रहें, अधिकार मिलने पर विनम्र रहें और क्रोध आने पर शांत रहें, यही जीवन का प्रबंधन कहलाता है। क्रोध, ईर्ष्या और नफ़रत, ये सब धीमा ज़हर हैं। इन्हें पीते तो हम खुद हैं और सोचते हैं मरेगा कोई दूसरा क्योंकि सम्मान हमेशा समय का होता है, लेकिन आदमी उसे अपना समझ लेता है। बाकि:- इज़्ज़त शौहरत और दुआएं खरीदी नहीं जाती, इन्हें अपने व्यवहार से कमाना पड़ता है…
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

