बिलासपुर
फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी करने वाले के खिलाफ विधानसभा रायपुर के समक्ष निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन किए। 29 प्रदर्शनकारियों को दो माह तक जेल में डाल कर रखा गया था लगभग 21 माह बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किए।
आपको बताते चलें कि अधिवक्ता आनंद मुग्री ने प्रदर्शनकारियों के पक्ष में पैरवी करने के लिए निशर्त खड़ा हुए साथ ही पेशी के बाद स्वयं चाय के पीने के लिए सभी को आमंत्रित किए।
समाज को ऐसे ही गंभीर अधिवक्ता साथियों की जरूरत है जो अन्याय अत्याचार हक अधिकार मान सम्मान के खातिर संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को न्याय दिलवाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें ।
Ad Anand Mugri जैसे वैचारिक युवा साथियों के कारण अब सामाजिक कार्य करने के दौरान न्यायालय के खर्चे का दबाव ही नहीं रहता है।

