14 अप्रैल 2025 अंबेडकर जयंती जिला डूंगरपुर बांसवाड़ा की संयुक्त (एसटी – एससी) रूप से सागवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महिपाल के खेल मैदान में बड़े हर्ष उल्लास के साथ में मनाई गई जिसमें डूंगरपुर और बांसवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से भीम आर्मी के कार्यकर्ता, बामसेफ के कार्यकर्ता ,सामाजिक कार्यकर्ता आदिवासी परिवार के कार्यकर्ता, विभिन्न जाति समुदाय के एससी समाज के खटीक समाज, ढोली समाज ,यादव समाज, बुनकर समाज, सरगडा समाज ,गवारिया समाज मोची समाज हरिजन समाज, कनीपा समाज व एससी की अन्य जातियों ने भाग लिया ।
गांव और ब्लॉकों से रेलियो के रूप में वाहन साइकिल रैली के रूप में सभा स्थल पर आकर समारोह में सम्मिलित हुए । इस भव्य कार्यक्रम महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर शुभारंभ किया गया जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता ओकारर्जी यादव मांडव ,कालू लाल यादव कोकापुर, मगन जी यादव चितरी , लाल शंकर गामठवाड़ा ,डायालाल जी वागड़िया, लक्ष्मण लाल भासोर ,कांतिलाल जी कवालियां ,प्रताप जी अरथुना, रामलाल जी जडस, रामलाल जाटव, रामलाल बलाई, दिनेश जी कटारा, भंवर जी परमार, गजेंद्र जी आमलिया ,अनीता जी अहारी ,शंकर जी का ताबियार, ललित जी ननोमा, जीवराज जी ननोमा ,भरत मेघवाल एवं भंवर जी उदयपुर सभी समाज जनों ने माल्यार्पण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के सामाजिक वक्ताओं के रूप में स्वागत उद्बोधन कालूराम जी कोकापुर ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम का संचालन सुरेश जी पाड़वा, दिनेश जी साकरसी, लक्ष्मण लाल यादव ने मिलकर किया । वक्ताओं ने बाबा साहेब के त्याग, संघर्ष ,आर्थिक प्रयास, राजनीतिक प्रयास, सामाजिक प्रयास ,सामाजिक चेतना ,संघर्ष करो ,बुद्धम शरणम गच्छामि के साथ शुरू हुआ । वक्ताओ ने बाबा साहब का त्याग , संघर्ष और बलिदान संविधान शिल्पकार, इतिहासकार , भारत रत्न, बोधिसत्व , संविधान निर्माता बाबा साहब के किए गए सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक कार्यक्रम । साथ ही हितेषी यादव भासोर ने बाबा साहब के त्याग के बारे में पांच संतानों में से जब चार संताने मर गई मात्र यशवंत अंबेडकर ही जीवित रहे।
अनीता अहारी द्वारा बाबा साहब के द्वारा विभिन्न आंदोलनों के बारे में अवगत कराया गया। सभा के संबोधन मे रामलाल यादव ,कांतिलाल जी कव्वालियां, भरत जी मेघवाल, अमृत जी यादव कतिसोर , भंवर जी परमार, ललित जी ननोमा, डूगरपुर बाँसवाडा सांसद राजकुमार जी रोत, चौरासी विधायक जी अनिल कटारा, गजेंद्र आमलिया, शंकर लाल ताबियाड ,लिला यादव , रामलालजी बलाई द्वारा गीत के माध्यम से भी विचार व्यक्त किया। शंकर लाल वर्मा विचार व्यक्त किया। लक्ष्मण लालजी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी का भी स्वाद बदल जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में नहीं परिवर्तित किया जा सकता है अच्छा दिखने के लिए मत जियो बल्कि अच्छा बनने के लिए जियो। जो झुकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है ।अपने दबे कुछले भाइयों को उनके अधिकार दिलाना बाबा साहेब का मेंन मकसद था और उन्होंने अपने महान प्रयासों से महान कार्य सिद्ध किया। संचालन सुरेश जी पाड़वा, दिनेश जी साकरसी और लक्ष्मण लालजी यादव ने किया। संकलन : RL यादव BSW ब्यूरोचीफ राजस्थान

