गणेशनाथ महाराज के सानिध्य में 20 यूनिट रक्त संग्रह, समाजसेवा की बनी प्रेरणा
मूकनायक ब्यूरो चीफ रिडमल राम परमार सांचौर
सांचौर। मेघवाल समाज के समर्पित जनसेवक एवं पूर्व प्रधान, सांचौर स्व. टाबाराम मेघवाल की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर मेघवाल युवा ब्लड टीम सांचौर द्वारा एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन परम पूज्य गणेशनाथ महाराज के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। शिविर समाज में सेवा, समर्पण और मानवता की भावना को जागृत करता हुआ एक प्रेरक उदाहरण बना।
इस पुण्यतिथि पर आयोजित रक्तदान शिविर का उद्देश्य, स्व. टाबाराम मेघवाल को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज को सेवा के माध्यम से जोड़ना था।
ब्लड ग्रुप प्रभारी मूलाराम वाघेला ने बताया कि शिविर में 20 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो आपातकाल में जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित होगा। युवाओं ने उत्साह और समर्पण के साथ रक्तदान कर यह संदेश दिया कि समाज की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
शिविर में मनोहर सिंह (पूर्व सरपंच कारोला), भगवानसिंह, गजेंद्र सिंह, तेजसिंह, अर्जुन सिंह, बलवंत हरियाली, नेबाराम, हड़मतराम पातलिया, आईदान राम, प्रकाश जगत, देवाराम, दलपत राज, भागीरथ, घेवाराम, गोर्धन, देवराज चौधरी (भाजपा नेता), वेरसीराम (नायब तहसीलदार चितलवाना), नरेश पातलिया, भेराराम (अध्यापक), कमलेश मूलनिवासी, राजेंद्र हिंगड़ा, रमेश खानवत (अध्यापक), हीरालाल धोरावत, मनीष धोरल व.अ., रमेश खानवत(ग्राम विकास अधिकारी) जैसे अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रक्तदान करने वाले प्रमुख युवाओं में शामिल थे:
मनीष कुमार, सुरेश, आईदानराम, कैलाश, नमन धोरावत, प्रवीण, बलवंत हरियाली, प्रदीप, नारायण गर्ग, गौतम, शांतिलाल, लाडूराम, चतराराम पंचाल, भागीरथ गोयल, घेवर डभाल, कैलाश (पूर्व सरपंच अरणाय), सेंधाराम, जगदीश, भजनलाल बिश्नोई, दलपत डांगी (अध्यापक), विकास डांगी।
श्रद्धांजलि सभा: विचारों में जीवंत हुई स्मृतियाँ
शिविर के पश्चात आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने टाबाराम मेघवाल के जनसेवा, नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि टाबाराम जैसे कर्मठ और निष्ठावान नेता समाज की नींव होते हैं। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेगा।
सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का आभार
अंत में आयोजकों की ओर से सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों और उपस्थितजनों का आभार प्रकट किया गया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि था, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और एकता का संदेश देने वाला आयोजन भी सिद्ध हुआ।

