मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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अहसास (Feelings) और प्रभाव (Impact) दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। एहसास, हमारे मन और शरीर की प्रतिक्रियाएँ हैं, जबकि प्रभाव किसी भी कार्य या घटना का परिणाम होता है जो हमारे या दूसरों के जीवन को प्रभावित करता है, जिस अहसास को शब्द ना मिले, उससे खूबसूरत कोई अहसास नहीं है, ये भी कह सकते हैं कि स्नेह, अनकहे शब्दों का वह संसार होता है, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। इसीलिए जिसका स्वभाव अच्छा होता है, उन्हें कभी प्रभाव दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती।
एहसास हमें जीवन के प्रति जागरूक बनाते हैं और हमें अपनी भावनाओं को समझने और व्यक्त करने में मदद करते हैं, जबकि प्रभाव किसी भी कार्य, घटना या परिस्थिति का परिणाम होता है, जो किसी व्यक्ति, चीज या स्थिति को प्रभावित करता है । हमें अपने एहसास और प्रभाव के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि हम एक खुशहाल और सार्थक जीवन जी सकें । देखा जाए तो जुबान के द्वारा होने वाले नुकसानों का अगर जायजा लिया जाए, तो स्वत: ही अनुभव हो जाएगा कि… खामोशी कितनी बड़ी देन है। बाकी:- सच्चे साथ देने वालों की एक ही निशानी है कि वो जिक्र नहीं करते हैं, हमेशा फ़िक्र किया करते हैं । याद रखें : काम तो दीमक भी दिन-रात करती हैं, परंतु वो निर्माण नहीं, विनाश करती है…
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

