मुकनायक के लिए इंदौर/महू/मध्यप्रदेश से राजू कुमार अंभोरे की मीडिया रिपोर्ट।
बौद्धों की अंतरराष्ट्रीय विरासत महाबोधी बुद्ध विहार मुक्ति आंदोलन को देश दुनिया से मिल रहा समर्थन।
इंदौर में प्रदर्शनकारियो ने देश की राष्ट्रपति एवं बिहार के मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
इदौर। भारतीय बौद्ध महासभा जिला शाखा इंदौर के अध्यक्ष शुभम रायपुरे ने बताया कि बिहार स्थित बौद्धगया विश्व के बौद्धों की आस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्थल है। इसी जगह पर तथागत बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति हुई थी। इस महाबोधि विहार की प्रबंधन समिति में बीटीएमसी एक्ट अर्थात बोधगया ट्रस्ट मैनेजमेंट कमेटी अधिनियम 1949 से ब्राह्मण पुजारियों का कब्जा है। जिसका कई वर्षों से बौद्ध भिक्षुओं, आंबेडकर अनुयायियों द्वारा विरोध किया जा रहा है।
शुभम रायपुरे जी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि संविधान निर्माताओ ने विभिन्न जाति, संप्रदाय और विविध धार्मिक मान्यताओं में आस्था रखने वाले लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार संविधान में दिया था। इसी के तहत मस्जिदों में मुसलमानों द्वारा, गुरुद्वारों में सिक्खों द्वारा, गिरिजाघरों में ईसाइयों द्वारा तथा हिंदू तथा जैन मंदिरों में हिन्दू और जैन धर्मावलंबियों के द्वारा अपने पूजाघरों का प्रबंधन एवं संचालन करना रहता है।
लेकिन बीटीएमसी एक्ट के तहत महाबोधि विहार की इस अंतर्राष्ट्रीय धरोहर के प्रबंधन का वर्तमान जिम्मा बौद्धों के हाथ में ना होकर ब्राह्मण पुजारियों के हाथ में है। जो भारतीय बौद्धों के साथ विश्वास घात है।
चूंकि महाबोधि विहार का प्रबंधन भारत के बौद्धों को सौंपने के लिए कई वर्षों से आंदोलन चलाया जा रहा है जिसे अब विश्वव्यापी समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन को और ज्यादा तेज करते हुए स्थानीय बौद्ध भिक्षुओ और अंबेडकरवादी आमरण अनशन पर बैठ गए है, और देशभर में व्यापक स्तर पर आंदोलन के समर्थन में धरना, प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपे जा रहे है।
इसी कड़ी में इंदौर जिले में भीम जन्मभूमि स्मारक के अध्यक्ष भंते प्रज्ञाशील, भंते धम्मशील, भंते नागसेन, भंते धम्मबोधी, भंते नगुलवंश की अगुवाई में भारतीय बौद्ध महासभा के तत्वावधान में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर बुद्ध विहार, पंचशील नगर, आनंद बुद्ध विहार जूनी इंदौर, सम्राट अशोका बुद्ध विहार, ऋषि पैलेस, करुणा बुद्ध विहार गौरी नगर, चेतस महाबोधि विहार मार्तंड नगर,
डॉ. आंबेडकर वाचनालय, सम्यक बुद्ध विहार छोटा बांगड़दा, चेतना बुद्ध विहार, वंचित बहुजन आघाड़ी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, बसपा, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी, बौद्ध युवक संघ सहित तमाम बौद्ध आंबेडकर अनुयायी महिला पुरुषों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन का वाचन महासचिव संतोष सपकाड़ ने किया। उपाध्यक्ष विशाल सूर्यभान इंगले ने सभी का आभार माना।
इस अवसर पर रिट. अधिकारी विजय सिंह यादव (जाटव), महिला उपाध्यक्ष नेहा ताई इंगले, मीना गवई, सोनू वानखेड़े, आशाबाई ठाकरे, पदमा बाई वाघ, बिंदु ताई रामटेके, गौतम वानखेड़े, सुनील प्रधान, राहुल कैलाश इंगले, रवि तायड़े, दिनकरराव अंभोरे, एड प्रकाश निकडे, भीमराव वानखेड़े, प्रहलाद वाकोडे, गोविंदा इंगले, जगनराव वानखेड़े, भीमराव मोरे, रवींद्र गुरचढ, सुखदेव वानखेड़े, चंद्रकांत तायड़े, देवीदास गवई, शुभम इंगले, अरुण इंगले, राजू वानखेड़े, निलेश वाघोदे, राजेश इंगले, राहुल हिवरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस आंदोलन को ओर व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए जिले के आंबेडकर अनुयायियों ने बोधगया के स्थानीय आंदोलन में भाग लेने का भी कार्यक्रम तय किया है।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रोहित सरदार ने दी।

