मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर व्यक्ति के अन्दर एक जुझारू और संघर्ष करने वाली भावना विद्यमान होती है। बस कई लोग अपने अन्दर के जुझारू इन्सान को जगा लेते हैं और कई इसमें असमर्थ रहते हैं । ज़िन्दगी इतनी आसान नहीं होती। बड़ी जद्दो जेहत करनी पड़ती है। आसानी से जो मिल जाता है, उसकी कद्र नहीं होती। पानी आसानी से मिल जाता है तो हम उसे व्यर्थ बहाते हैं और वही पानी रेगिस्तान में पैसों से बिकता है । माँ बाप के होते हुए हमारी हर मांग पूरी हो जाती है, परंतु उनसे पुछो जो बचपन में ही बेसहारा हो जाते हैं और जीवन में कड़ी मेहनत करने में जुट जाते हैं जिसके फलस्वरूप मेहनत, लगन और विश्वास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है ।
यदि मन में किसी कार्य के प्रति सच्ची भावना हो, लग्न हो, जुनून हो, मेहनत हो, धैर्य हो, सकारात्मकता हो और किसी भी परिस्थिति से विचलित ना हो तो व्यक्ति साहस और आत्मविश्वास के साथ किसी भी कार्य में कामयाब हो सकता है। अक्सर लोगों को अपने परिवेश को देखते देखते बने बनाये रास्तों पर चलने की एक आदत सी हो जाती है और यही आदत उनकी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है । इस दुनियाँ में मनुष्य के लिये कोई भी कार्य करना मुश्किल अवश्य हो सकता है, परन्तु असम्भव नहीं होता
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

