Thursday, February 26, 2026
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महाबोधि टेंपल एक्ट बौद्धों के साथ अन्याय: भंते सिद्धार्थ

मूकनायक/सांचौर/रिडमल राम परमार

सांचौर। बोधगया, बिहार में महाबोधि टेंपल एक्ट 1949 को निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन के सानिध्य में जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर, सांचौर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन ने कहा कि महाबोधि मंदिर प्रबंधन कमेटी में अध्यक्ष सहित कुल आठ सदस्य होते हैं, जिसमें चार बौद्ध और चार गैर-बौद्ध सदस्य होते हैं। इस व्यवस्था के कारण मंदिर प्रशासन पर गैर-बौद्धों का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे बौद्धों की धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि देश के किसी अन्य धार्मिक स्थल की प्रबंधन कमेटी में अन्य धर्म के अनुयायी सदस्य नहीं होते, फिर बौद्ध समुदाय के सबसे पवित्र स्थल की प्रबंधन समिति में गैर-बौद्धों की भागीदारी क्यों? यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन है और बौद्ध समुदाय की धार्मिक भावनाओं के साथ अन्याय है। इसलिए, इस एक्ट को तुरंत निरस्त कर मंदिर प्रबंधन कमेटी में केवल बौद्ध सदस्यों को शामिल किया जाना चाहिए।

भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने कहा कि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी को तन-मन-धन से सहयोग करना चाहिए। इस दौरान केसाराम मनुवेर, जवाराराम गोयल (अध्यक्ष, मेघवाल युवा परिषद, सांचौर), पोपटलाल आमली, आसुराम गोयल (अजाक अध्यक्ष), शांतिलाल नागवंशी, गणेश मनुवेर, जितेन्द्र गोयल, ईश्वर लाल, जयकृष्ण मेघवंशी (उपाध्यक्ष, अम्बेडकर सेवा समिति), शंकरलाल, सतीश बावरला, ताराराम सहित बौद्ध समुदाय के अनेक लोग उपस्थित रहे।


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