Thursday, February 26, 2026
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परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों ना हो, अगर संकल्प मजबूत हो तो कुछ भी नहीं है असंभव

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर बाधा के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही जीवन का नियम है । जब कोई बीज धरती में गिरता है, तो उसे अंधकार, मिट्टी और दबाव को सहन करना पड़ता है, लेकिन वह हार नहीं मानता बल्कि अपनी पूरी ताकत से वह मिट्टी को चीरकर ऊपर आता है और सूर्य की रोशनी को अपनाता है। इसी प्रकार हर बाधा के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही जीवन का नियम है । कई बार परिस्थितियां इतनी विकट हो जाती हैं कि आगे बढ़ने का हौसला टूटने लगता है। समाज की अपेक्षा, आर्थिक परेशानियां, रिश्तों में आई दरारें- यह सब मिलकर व्यक्ति को तोड़ने का प्रयास करती हैं। लेकिन जो इंसान अपने सपनों को जीवित रखता है, वही इन अवरोधों को पार कर आगे बढ़ता है। हालातों के आगे घुटने मत टेकिए, मन को मजबूत कीजिए। मन कमजोर होगा तो हालात हमें बेहाल कर देंगे, वहीं मन को मजबूत रखेंगे तो वहीं हालात हमारे लिए नये अवसर का निर्माण कर देंगे। हमेशा दूसरों को मिटाने की बजाय स्वयं को स्थापित कीजिए। आपकी लाइन जैसे ही बड़ी होगी, छोटी लाइन का महत्व खुद -ब-खुद कम हो जायेगा।
आत्मविश्वास के साथ किए गए प्रयास सफलता की नींव रखते हैं । डॉ अब्दुल कलाम एक साधारण परिवार में जन्मे, आर्थिक कठिनाइयों से घिरे होने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और अपनी मेहनत व लगन से भारत के ‘मिसाइल मैन’ बन गए। अगर वे अपने संघर्षों से हार मान लेते, तो शायद वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते। उनका जीवन यह दिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर संकल्प मजबूत हो तो कुछ भी असंभव नहीं। जीवन में आने वाली चुनौतियां कोई रुकावट नहीं, बल्कि सीखने और निखारने का अवसर होती हैं। कई बार परिस्थितियां विपरीत होती हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति हर कठिनाई को पार करने में सहायक होती है। असफलता का भय, नकारात्मक सोच और टालमटोल जैसी बाधाएं अक्सर राह में दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं, परंतु जब संकल्प अडिग हो, तो कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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