मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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कभी निराश मत बैठो और हार मत मानों, क्या पता कल आपकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन दिन हो । जीवन की सच्चाई यह है कि आप जीवन में चाहे जिस भी परिस्थिति से गुज़रें, आप उसका सामना कैसे करते हैं, इससे ही सब कुछ बदल जाता है । मरने के लिए बहुत समय है। काम, सफलता, भविष्य और रिश्तों के बारे में चिंता करने के लिए मानव जीवन है । जब मन कमजोर होता है तो परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं । वहीं जब मन स्थिर होता है तो परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं और जब मन मजबूत होता है तो परिस्थितियां अवसर बन जाती हैं ।
मनुष्य जीवन का असली मकसद, पवित्रता, सच्चाई, समर्थन, समझ, सामर्थ्य, और प्रेम के साथ जीना है । यह एक अद्वितीय यात्रा है जिसमें व्यक्ति अनगिनत संघर्षों, संतोषों, सीख और अनुभवों से अध्ययन करता है । जीवन का असली ज्ञान यह है कि जीवन में ज्ञान और मृत्यु का होना ही है क्योंकि ज्ञान प्राप्त करने के बाद मृत्यु का भय नहीं रहता । बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि आरम्भ हो और अन्त ना हो, मन इतना भी स्वतंत्र ना हो । व्यथित हो और शब्द ना हो, मन इतना भी परतंत्र ना हो । बाकी दूसरों को समझना नि:संदेह बुद्धिमानी हो सकती है, परन्तु स्वयं को समझना ही जीवन का असली ज्ञान है..
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

