मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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मन की शांति हमारे जीवन का अनमोल खजाना है। हम सभी चाहते हैं कि हमारा मन सदा शांत और स्थिर रहे। लेकिन आधुनिक जीवनशैली और तनाव से भरी ज़िन्दगी हमारे मन को अस्थिर बना देती है क्योंकि मौजूदा समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खुद को वक्त नहीं दे पा रहे हैं । वे न विचारों का ठहराव ले रहे हैं, न काम से ब्रेक, बस मशीन की तरह लगातार कार्य करते जा रहे हैं, चलते जा रहे हैं । जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए व्यक्ति को शारीरिक आराम की जितनी आवश्यकता है, उससे अधिक मानसिक सुकून की भी जरूरत होती है. हमारे विचार नियंत्रण में नहीं रहते इसलिए हम किसी भी काम में अपना सौ प्रतिशत नहीं दे पाते, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है । शांत और स्थिर मन क़ायम रखने के लिए प्रातःकाल की योगा और मन की साधना सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि योगा व ध्यान साधना से यह समझ में आ जाता है कि मन का संबंध सीधे सांसों से होता है । यदि आपका मन चंचल है तो सांसें भी चंचल होंगी । इन दोनों में से किसी एक पर काबू पा लिया जाए तो मन भी नियंत्रण में हो जाता है ।
इसलिए अपने मन को शांत करने का सबसे अच्छा उपाय है कि योगा किया जाए। योगा करने से दिमाग और मन दोनों ही शांत होते है। योगा का मुख्य फायदा मन को शांत करना है । नियमित योगा का अभ्यास करने से इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लग जाते हैं । नियमित अभ्यास से जीवन में कोई भी कार्य दुर्गम नहीं होता । शांत और स्थिर मन हमें दुर्गम को सुगम करना सिखा देता है, वहीं मन अशांत रहने के कारण हम कई बार बड़े फैसले नहीं ले पाते हैं और छोटी-छोटी बातों में गलतियां करते हैं, जबकि योगा से शरीर हष्ट-पुष्ट ही नहीं, वल्कि जीवन सुखमय भी बनता है ।
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

