मूकनायक/राजस्थान/सांचोर/रिडमल राम परमार
सांचौर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्म जयंती (माघ पूर्णिमा) के अवसर पर मेघवाल युवा परिषद एवं सामाजिक विकास संस्थान सांचौर-चितलवाना के तत्वावधान में भव्य आयोजन किया गया। यह पावन उत्सव परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 गणेशनाथ जी महाराज के सानिध्य में गणेश शिव मठ सांचौर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
गुरुदेव गणेशनाथ जी महाराज ने गुरु रविदास जी के जीवन और उनके उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समता, समानता और स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। उनके विचारों में जात-पात और भेदभाव का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने कहा था— “ऐसा चाहूँ राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोटा-बड़ा सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न।” यह पंक्तियाँ उनके समतावादी विचारों को दर्शाती हैं, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे, जिनमें बलदेव नाथ,मेघवाल युवा परिषद के अध्यक्ष जवारा राम गोयल (लाछड़ी),अम्बेडकर सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश पातलिया,कोषाध्यक्ष जवारा राम पांचाल (भाटीप), कोषाध्यक्ष अम्बेडकर सेवा समिति अशोक कुमार पारेगी,मूंगाराम पांचाल, गणेश मनुवेर,रिडमलराम गुन्दाऊ,कमलेश मूलनिवासी,वेरसीराम पारेगी,बाबूलाल पारेगी,विंजा राम पारेगी (जाखल),शांतिलाल नागवंशी,रामकिशन अरणाय, पूनमाराम सिंगल,गौतम सहित समाज के अन्य प्रबुद्धजन एवं श्रद्धालु शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संत रविदास के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और समाज में समरसता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

