मूकनायक/राजस्थान/सांचोर/रिडमल राम परमार
चितलवाना, 07 फरवरी 2025 – श्री श्री 1008 हिंगोलापीर मंदिर, चितलवाना में मेघवाल समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आठ गांवों के पंचों एवं 42 परगना के पांच धड़ों के मुखियाओं ने भाग लिया। समाज सुधार को लेकर कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई, जिसमें समाज के आर्थिक हिसाब-किताब की पारदर्शिता और कुप्रथाओं के उन्मूलन पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन व्यक्तियों के पास समाज के पैसे जमा हैं या जो किसी भी प्रकार की बकाया राशि रखते हैं, वे महाशिवरात्रि से पहले समाज को पूरा हिसाब सौंपेंगे। इसके अलावा, मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसे समाज के सभी पंचों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
साथ ही, अन्य कुरीतियों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक सुधार करने के लिए महाशिवरात्रि पर सांचौर धर्मशाला में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समाज के प्रबुद्ध जनों को आमंत्रित कर नए नियमों में संशोधन और सुधार किया जाएगा
बैठक में हिंगोलापीर मंदिर के पुजारी पीर हंसुराम चितलवाना, आठ गांवों से चुना रतौडा, पुजा सिलोण, देवा रतौडा, जयकन सिलोण, प्रताप सिवपूरा, रावता सिवपूरा, रमेश होथीगांव, रणछा कालमा चारणीम, छगन, भूरा, तगा कालमा रतनपुरा, गमना परिवार रतौडा, शंकरा कालमा, हेमराज चारणीम, राजा जगदीश परमार अगडावा, भरत राज मालीपुरा +2, एवं सांचोर चितलवाना समाज कार्यवाहक अध्यक्ष जवाराराम खोभु उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त नेबाराम धोरावत कारोला, अणदा हरियाली, संघर्ष समिति अध्यक्ष नरपत सिंह पारेगी केरिया, घमडाराम अरनाय, चितलवाना के गोरधन, भगाजी, खाना, लछा मछरा, रमेश मोझी, ठाकरा, गुलसर मछरा, नारणाजी मोझी, रणछा, भुपाजी धोरावत, भरत परमार समेत समाज के अन्य गणमान्य पंचगणों ने भी बैठक में भाग लिया।
इस बैठक में समाज के हित में लिए गए निर्णयों को ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिससे सामाजिक सुधार को नई दिशा मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

