मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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संतुलित और बुद्धिमान व्यक्ति वह होता है जो परिस्थिति को समझने में सक्षम होता है। वह अपनी मानसिक क्षमता का उपयोग करके किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। वह एक अच्छा विश्लेषक भी होता है। वह तर्क और तर्क का मूल्यांकन किसी से भी बेहतर तरीके से करने में सक्षम होता है । परिवार में सबका ध्यान रखना और सबकी सेवा करके अपना सही उत्तरदायित्व निभाना अच्छी बात है, लेकिन भावनात्मक एवं व्यक्तिगत सुख के लिए किसी पर निर्भर ना रहना, स्वतंत्र बने रहना और अपनों की परवाह करना ही शुद्ध प्रेम है ।
बुद्धिमान व संतुलित व्यक्ति में अनेक मानवीय गुण होते हैं जो उनके नैतिक चरित्र, सहानुभूति और सत्यनिष्ठा को दर्शाते हैं। सबसे पहले, सहानुभूति एक अच्छे व्यक्ति का मूलभूत गुण है। उनमें दूसरों की भावनाओं को समझने और साझा करने की क्षमता होती है, वे अपनी बातचीत में करुणा और दयालुता प्रदर्शित करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम जीवन में अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और दायित्वों को पहचाने व उन्हें समझने का प्रयास करें । सच्चा बुद्धिमान कम बोलता है, वहीं बोलता है, जहाँ जरूरत हो, राय तभी देता है, जब मांगी जाती है और यह कभी साबित नहीं करता कि सिर्फ वही सही है, बाकी सब गलत हैं । उसकी बुद्धिमानी उसकी सादगी में छुपी होती है और यही बुद्धिमान व संतुलित व्यक्ति की पहचान है ।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

