ललितपुर ब्यूरो (सुरेंद्र कुमार) पानी से परेशान लोग कब तक शांति रखते आखिर उनका उबाल उन्हें जल कल विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाने पर मजबूर कर ही गया।और 15/02/25 को समस्त नगर कस्बा वासी अपनी इसी परेशानी कारण महिलाओं समेत पुरुष भी घर से इसी उबाल के साथ बाहर निकले और सम्पूर्ण बाज़ार से होते हुए जल कल विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए तहसील परिसर पहुंच गए। लोगों का कहना रहा कि जल कल विभाग के जे ई बहुत ही लापरवाह व्यक्ति है इन्हें जल्द से जल्द बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि करीब एक से दो महीनों को होने को आ रहे हैं इन्होंने अभी तक पानी कि समस्या को निस्तारण नहीं कर पाया है, और अधिकतर यह अपने कार्यालय से नदारद पाए जाते हैं।
वहीं कस्बा कि औरतें भी अपना कामकाजी समय छोड़कर कर प्रदर्शन में शामिल रहीं और सम्पूर्ण जगह जल कल विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाती रहीं। आखिर जो औरत शालीनता का प्रतीक मानी जाती हैं वह भी जल कल विभाग कि कार्यशैली से इतना नाखुश नजर आईं कि उन्हें भी जल कल मुर्दाबाद के नारे लगाने पर मजबूर होना पड़ा। आखिर ऐसा क्या कारण रहा कि करीब इतने लम्बे समय के अंतराल के बाद भी महरौनी बासी पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, वह जितना नलों में पानी आता है वह भी गंदा पानी आता है, जिससे समस्त कस्बा वासी बहुत ही परेशान स्थिति में हैं।
क्यों कि जल ही जीवन है,और जब महरौनी वासियों के पास जब जल ही नहीं है तब किस प्रकार का जीवन । इसलिए जिलाधिकारी महोदय के नाम शिकायत पत्र देते हुए समस्त नगर वासियों ने जल्द से जल्द पानी कि समस्या को हल करने हेतु शिकायती पत्र सौंपा।वहीं आपको बता दें कि ऐसी कोई जगह नहीं जहां जल कल विभाग के द्वारा जगह खुदी नहीं, कस्बा कि अधिकतर वार्ड में जल कल विभाग के द्वारा गड्ढा खोद दिया जाता है जो हफ्तों खुला पड़ा रहता है और उनका कार्य बड़े ही शांति के साथ कछुआ चाल के साथ किया जाता है जिससे समस्त कस्बा वासियों को पानी कि परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आखिर कस्बा वासियों ने क्यों कर डाली जे ई कि बर्खास्तगी की मांग। वहीं पार्षदगण का कहना रहा कि जब भी जल कल विभाग के जे ई से हम इस समस्या के बारे में बात करते हैं, तो यह किसी भी समस्या को सुनना नहीं चाहते हैं।और यदि हम लोग इनसे पानी कि समस्या के बारे में बार बार कहते हैं तो यह जे ई महोदय अपशब्द बोलने लगते हैं। इससे अच्छा तो हमारे कस्बा को ऐसे जे ई से छुटकारा मिल जाना चाहिए जिससे कि लोगों को पानी कि समस्या का सामना ना करना पड़े।

